- हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
- 7 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में होनी है सुनवाई
पश्चिम बंगाल में SIR का बवाल
पश्चिम बंगाल चुनाव में SIR को लेकर घमासान जारी है और हाल ही में बंगाल के मालदा में हुई घटना इसका सबूत है। ममता बनर्जी भी ख़ुद SIR आपत्ती जताते हुए सुप्रीम कोर्ट जा चुकी हैं। इस बार बंगाल चुनाव में घुसपैठिए का मुद्दा जोरो पर है और भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दा को लगातार उठा रही है और ममता सरकार पर सवाल उठा रही है, कि SIR को नहीं होना देना चाहते।इसके अलावा बीजेपी ने टीएमसी के 15 वर्षों की 15 नाकामियों की चार्जशीट भी जारी कर दी है।
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59 लाख ज़्यादा मामलों का निपटारा
पश्चिम बंगाल में SIR मामले को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। SIR मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है, कि 6 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक कुल 60 लाख 6 हजार लंबित मामलों में से लगभग 59 लाख 15 हजार आपत्तियों का निपटारा कर लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के चलते काम में तेज़ी
बता दें, कि 7 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी हैं और सुनवाई से पहले इस पूरी प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा किया जाने का काम किया जा रहा है। आपीलों की सुनवाई तेज़ी हो सके, इसके लिए 19 अपीलीय ट्रिब्युनल गठित किए गए हैं और इनमें हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं।
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60 लाख लोगों ने आपत्ती दर्ज कराई
ये सभी ट्रिब्युनल राज्य के कई ज़िलों में SIR से जुड़े दायर अपीलों की सुनवाई कर रहे हैं। SIR प्रक्रिया के तहत क़रीब 60 लाख लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इनके जल्द निपटारे के आदेश दिए थे।



