- SIR अधिकारियों की सुरक्षा का मामला
- बंगाल में SIR को लेकर चल रहा है विरोध
बंगाल में घुसपैठिये का मुद्दा गरम
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले और ख़ासतौर पर बंगाल में जिस तरह SIR का विरोध हो रहा है और अधिकरियों पर हुए हमले के बाद सुप्रीम कोर्ट काफ़ी नाराज़ दिखा। बंगाल में जबसे घुसपैठिये का मुद्दा उठा है और उसे लेकर SIR की प्रक्रिया शुरू हुई है, तबसे ममता सरकार बीजेपी के विरोध कर रही है और इसे अवैध भी बताया है। कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री इसके विरोध में और इस पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट के SIR को लेकर जारी किए आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने SIR विवाद को लेकर सख़्त क़दम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश जारी किए है। यह मामला SIR ड्यूटी कर रहे न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर है, जिसमें अदालत ने कहा है, कि जहां-जहां SIR ड्यूटी से जुड़े अधिकारी काम कर रहे हैं, वहां उनकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल तैनात किए जाएं। इसके अलावा अधिकारी जिस होटल में ठहरे हैं या ठहरने वाले हैं, उन सभी होटलों और गेस्ट हाउस में भी कड़ी सुरक्षा का प्रबंध किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है, कि अधिकारी या उसके परिवार पर किसी प्रकार के ख़तरे की आशंका होने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।
सीनियर अधिकारियों को आदेश
अदालत ने शिकायत दर्ज कराते समय एक बार में केवल 3 से 5 लोगों को ही प्रवेश करने का आदेश दिया है। अदालत पे स्पष्ट किया, कि इससे भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। साथ ही मुख्य सचिव और डीजीपी को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और अदालत में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा सीनियर अधिकारियों से जवाब मांगते हुए 6 अप्रैल को वर्चुअली पेश होने का आदेश दिया है।
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