- नरेंद्र मोदी ने कहा टीएमसी पर साधा निशाना
- प्रधानमंत्री ने कहा पूरा बंगाल माफियाओं से परेशान
बीजेपी के लिए आसान नहीं राह
बंगाल चुनाव में बीजेपी और टीएमसी दोनों पार्टियों ने कमर कस ली है और दोनों हर चुनावी रैलियों में एक दुसरे पर बरसते हुए दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी इस बार पूरी ताक़त के साथ पश्चिम बंगाल के रण में उतरना चाहती है और इस बार जीत ही उसकी प्राथमिकता है, लेकिन लगातार तीन बार की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में ज़मीन से जुड़ी नेता हैं और वहां बड़ी संख्या में उनके प्रशंषक हैं। इसे भेद पाना भारतीय जनता पार्टी के लिए आसान नहीं होनें वाला।
हिंसा और ख़ून बंगाल चुनाव का इतिहास
हिंसा बंगाल चुनाव का हिस्सा रहा है और ममता सरकार पर यह आरोप हमेंशा लगते रहे, लेकिन फिर भी हिंसा के आरोपों के बीच वो एकतरफ़ा जीत हासिल करती आई हैं। ममता सरकार ने हमेंशा चुनावी रैलियों में इन हिंसाओं का खंडन किया और जनता का भरोसा क़ायम रखने में सफ़ल रहे। इस बार मामला तो टीएमसी के लिए भी आसान नहीं है। इस बार चुनौती उनके लिए भी बड़ी है। SIR और घुसपैठिए का मुद्दा तो है ही, इसके अलावा बीजेपी में टीएमसी के ख़िलाफ़ 15 वर्षों की नाकामियों की चार्जशीट भी जनता के सामने पेश की है। दूसरी तरफ़ चुनाव आयोग भी बंगाल के ख़ूनी चुनाव को ध्यान में रखते हुए पूरी सख़्ती से काम ले रहा है।
बीजेपी को बंगाल से बदलाव की उम्मीद
इधर बीजेपी के बड़े नेता लगातार बंगाल का दौरा कर रहे हैं और अपनी स्थिति को लगातार मजबूती देने प्रयास कर इस बार जनता से बदलाव की उम्मीद जता रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल के दौरे पर हैं और आसानसोल में हुई चुनावी रैली में प्रधानमंत्री ने ममता सरकार की जमकर आलोचना की।
प्रधानमंत्री ने टीएमसी को घेरा
पीएम ने कहा, कि पूरा बंगाल आज कोयला माफ़ियाओं और रेत माफ़ियाओं से परेशान है। बंगाल के कोल बेल्ट में सिंडिकेट ने कब्जा कर रखा है। नरेंद्र मोदी ने कहा, लेफ्ट हो, कांग्रेस हो या टीएमसी इतिहास गवाह रहा है, कि इन सभी पार्टियों ने बंगाल को बर्बादी पर पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा, कि सिर्फ़ भाजपा ही ऐसी पार्टी है, जो बंगाल में सुशासन स्थापित करने का काम करेगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, कि आज के समय में बंगाल की महिलाएं सम्मान, सुरक्षा और ख़ुशहाली चाहती हैं, लेकिन बंगाल की निर्मम सरकार ने महिलाओं पर ध्यान नहीं दिया और यह उनकों यह सब देने में पूरी असफल तो रही है, बल्कि इसके परे वह बलात्कारियों के साथ खड़ी है।
यही नहीं पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों का मुद्दा भी उठाया और कहा, कि तुष्टिकरण की राजनीति ने बंगाल को कभी उभरने नहीं दिया और इसी तुष्टिकरण के ज़रिए टीएमसी सरकार बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को ख़त्म करने पर तुली हुई है।



