- सभी राज्यों को मिलकर प्रयास करने होंगे
- कालाबाज़ारी और जमाखोरी पर सख़्त कार्रवाई के निर्देश
पूरी दुनिया पश्चिम एशिया युद्ध से प्रभावित है। होर्मुज का रास्ता बंद होने से जहां तेल औश्र गैस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं यह युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा। इज़रायल-अमेरिका जहां लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी खाड़ी देशों की तेल व गैस प्लांट पर हमले कर रहा है। इन हमलों से भविष्य में तेल और गैस की क़िल्लत साफ़ देखी जा रही है। यह युद्ध जिस तरह से विनाश का रूप ले रहा है, इसे देखते हुए पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमाराती हुई नज़र आ रही है, जो भविष्य के लिए सही नहीं है।
ऐसे में भारत की नज़र भी इस युद्ध पर बनी हुई है और वो प्रभावित देशों से लगातार संपर्क में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी देशवासियों आश्वासन दिया है, कि सरकार हर संकट में उनके साथ हैं। राज्यसभा में नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संबोधन की 15 मुख्य बातें:
1. होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है, इसलिए भारत होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर लगातार बात कर रही है।
2. भारत ने नागरिकों, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट पर हो रहे हमलों का विरोध किया है।
3. प्रधानमंत्री ने कहा, कि भारतीयों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अब तक 3 लाख 75 हज़ार से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। ईरान से अभी तक 1 हज़ार से ज़्यादा भारतीय सुरक्षित वापस लौटे आए हैं।
4. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से आना-जाना चुनौतीपुर्ण हो गया है, लेकिन सरकार ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से रास्ते बनाने का प्रयास किया, जिससे जहां से भी संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई भारत पहुंच सके।
5. भारत के पास 53 लाख मैट्रिक टन से ज़्यादा का स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व रखा हुआ है और 65 लाख मैट्रिक टन से अधिक रिजर्व करने की योजना भी बनाई जा रही है। देश में फ़िलहाल तेल की कमी नहीं है।
6. देश में एलपीजी की कमी नहीं है और सरकार घरेलू गैस सप्लाई में एलपीजी के अलावा पीएनजी पर जोर दे रही है।
7. नरेंद्र मोदी ने कहा, कि सरकार का निरंतर प्रयास रहा है, कि हर सेक्टर में दूसरे देशों पर निर्भरता कम हो। उन्होंने कहा, कि ऐसे संकट की घड़ी में हमें ज़्यादा से ज़्यादा आत्मनिर्भर हों, यही एकमात्र विकल्प है।
8. पश्चिम एशिया युद्ध से जो नुक़सान हुए हैं, उसकी भरपाई करने में दुनिया को काफ़ी समय लगेगा। भारत में इसका कम से कम दुष्प्रभाव हो, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और सरकार हर पल के हालात पर नजर रखे हुए हैं।
9. सात सशक्त समूहों का गठन किया गया है, जो सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीज़ल, फ़र्टिलाइजर, गैस, महंगाई जैसे विषयों पर नज़र रखेगी और दिक़्क़त होने पर तुरंत कार्यवाही करेगी।
10. किसानों के हितों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, कि सरकार प्रयास कर रही है, कि आने वाले बुवाई के सीजन में किसानों को पर्याप्त खाद मिलती रहे, इसके लिए खाद की पर्याप्त सप्लाई के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही है। नरेंद्र मोदी ने कहा, कि सरकार हमेंशा से किसानों की हर संभव मदद के लिए तत्पर रही है और हमारी कोशिश है, कि उनपर इस संकट का भी बोझ ना पड़े।
11. आने वाले समय में यह संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है और इस परीक्षा में सफलता के लिए हर राज्यों का मिलकर सहयोग करना होगा।
12. सभी राज्यों से आग्रह करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, कि संकट के ऐसे समय में सबसे ज़्यादा मार ग़रीबों, श्रमिकों और प्रवासी साथियों को झेलनी पड़ती है, इसलिए इन सभी को पीएम ग़़रीब कल्याण अन्न योजना का लाभ समय पर मिलता रहे।
13. ऐसे समय में कालाबाज़ारी और जमाखोरी करने वाले बहुत एक्टिव हो जाते हैं। जहां से भी ऐसी शिकायतें मिलें, वहां पर तुरंत कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। देश की भलाई के लिए कालाबाज़ारी और जमाखोरी को रोका जाना चाहिए।
14. जैसे कोरोना काल में सभी राज्य टीम इंडिया बनकर काम कर रहे थे और चुनौती का सामना किया, उसी तरह इस युद्ध के दौर में भी मिलकर काम करने की ज़रूरत है।
15. पीएम ने कहा, कि युद्ध के हालात पल-पल बदल रहे हैं, इसलिए हम सभी को हर चुनौती के लिए तैयार रहना ही होगा, क्योंकि इस युद्ध के दुष्प्रभाव एक दिन में ख़त्म नहीं होंगे, बल्कि लंबे समय तक रहने की आशंका है। सरकार सतर्क है, तत्पर है और पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है, हर निर्णय ले रही है। देश की जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है।
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