- जमुई में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का वीडियो हुआ था वायरल
- 10वीं के छात्र और छात्रा कोचिंग से लौट रहे थे
बिहार के जमुई में हुई शर्मनाक घटना और बिहार की कानून व्यवस्था पूरे देश में चर्चा में है। इस घटना के बाद से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार और महिला सुरक्षा सवालों के घेरे में है। 19 सितंबर को जिस तरह से 10वीं की छात्रा के साथ बदसलूकी हुई, उसने विकसित भारत पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इससे यह तो पता चल जाता है, कि ऐसी गंदी मानसिकता जब तक रहेगी, हमारा देश अपराध से मुक्त नहीं हो पाएगा।
यह भी पढ़ें: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी, सवाल- आख़िर कब बदलेगी ऐसी मानसिकता?
तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला
इस घटना के बाद से बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने जमुई की हालिया घटना के संदर्भ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफ़े की मांग ही कर दी है। पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा और अपराध की घटनाओं पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं कर पाने का सीधा आरोप लगाया। तेजस्वी यादव ने कहा, कि यदि मुख्यमंत्री अपने पूर्व में दिए गए बयान पर कायम हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ़्ताार
हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुंरत कार्रवाई करते हुए SIT का गठन किया और मुख्य आरोपी नंदन यादव सहित 8 आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है। इसमें 3 नाबालिग हैं और 2 की उम्र 35 से 40 वर्ष है। मुख्य आरोपी नंदन यादव घटना के बाद से फरार था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में थी। 19 सितंबर को 10वीं के छात्र और छात्रा को कुछ युवकों ने रोक लिया था और उसके बाद उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद पूरे देश में यह घटना चर्चा में आई।
यह भी पढ़ें: “जमुई में नाबालिग से बदसलूकी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, घेराबंदी में पैर में लगी गोली; 8 आरोपी पकड़े गए”
जमुई की घटना अब राजनीतिक बहस
तेजस्वी यादव ने जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी की घटना का हवाला देते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गए हैं। ऐसे में जमुई की घटना अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है।




