- खाड़ी देशों तक पहुंच गई है युद्ध की आग
- ईरान ने कहा हम पीछे नहीं हटने वाले
एक तरफ़ इज़रायल-अमेरिका लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं, वहीं ईरान भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा। यह युद्ध अब विशाल रूप लेता जा रहा है। अमेरिका ने सोचा होगा, कि इस वॉर को अपनी ताक़त से जल्द ख़त्म कर देंगे, लेकिन ईरान जिस तरह पलटवार कर रहा है, इससे यह युद्ध पूरे खाड़ी देशों (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात) में फ़ैल गया है।

खामेनेई की मौत से बौख़लाया ईरान
ईरान के सुप्रीम की मौत के बाद खामेनेई की मौत के बाद से ईरान बौख़लाया हुआ था और उसने क़तर में स्थित अमेरिका दूतावास, इज़रायल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मुख्य कार्यालय और साउदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको रिफ़ाइनरी के साथ-साथ रास तनुरा रिफ़ाइनरी पर भी ड्रोन से हमला किया गया। यहीं तक नहीं ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है, कि हम लंबे समय के युद्ध के लिए तैयार हैं और जल्द ही ऐसे हथियार इस युद्ध में उतारे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल अभी तक नहीं किया गया है।
बदले की लड़ाई
साथ ही ईरान ने साउदी अरेबिया की राजधानी रियाद में अमेरिका अमेरिका दूतावास पर भी ईरान ने ड्रोन से उड़ा दिया। इसके अलावा अबू धाबी, दोहा और दुबई में भी हमले किए गए हैं। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के इश्फ़हान, शिराज व नतांज स्थित परमाणू प्लांट पर हमला कर दिया। इसके अलावा हवाई अड्डों व राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को निशाना बनाया है। साथ ही लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी नष्ट किया गया है।

लेबनान का आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह ने किया हमला
लेबनान का आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह भी इस लड़ाई में क़ूद गया और उसने इज़रायल पर हमला कर दिया इसके जवाब में इज़रायल ने लेबनान पर इतना ज़बरदस्त हमला किया, कि इस हमले में हिज़बुल्लाह के खुफ़िया मुख्यालय के मुखिया हसन मकलाड को मार गिराया। ईरान ने कुछ अमेरिका लड़ाकू विमानों पर भी हमलाकर उन्हें मार गिराया और कुवैत में स्थित अमेरिका बेस पर भी हमला किया।
ईरान की मिसाइल सिटी
बताया जा रहा है, कि ईरान के पास अंडरग्राउंड व गहरे सुरंगों में गुप्त रूप से मिसाइल सिटी तैयार की गई है। यह कई किलोमीटर तक फ़ैली हुई है। इसमें बैलिस्टिक व हाइपरसैनिक मिसाइलों के अलावा इसमें शाहेद-136 और 131 ड्रोन रखे होने का दावा किया जाता रहा है। शाहेद-136 की ख़ासियत यह है, कि सस्ते ड्रोन हैं, जिनसे ईरान हमले भी कर रहा है। ईरान इस युद्ध में अब इन्हीं सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल कर युद्ध में चुनौती पेश कर रहा है और वो यूंही नहीं यूद्ध को लंबे समय तक लड़ने की बात कर रहा है।

इस मिसाइल सिटी की ख़ास बात यह है, कि यह काफ़ी गहराई में फ़ैली है, जिसे नष्ट कर पाना बहुत बड़ी चुनौती है और इन मिसाइलों को बेहद सुरक्षा के साथ रखा गया है। इसका संचालन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इसी मिसाइल सिटी की चर्चा की है और कहा है, कि इस मिसाइल नेटवर्क को ख़त्म करना उनका उद्देश्य है।
होर्मुज़ रास्ता बंद होने से बढ़ सकती है महंगाई
अमेरिका-इज़रायल और ईरान की लड़ाई में र्स्टेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्ते को ईरान ने बंद करने का फ़ैसला लिया है। साथ ही चेतावनी भी जारी की गई है, कि अगर कोई भी इस रास्ते से कोई भी तेल पोत गुजरा, तो आईआरजीसी जवाबी कार्रवाई करेगी। इससे अब तेल का ख़तरा बढ़ गया है, जिससे महंगाई बढ़ने के आसार बने हुए हैं। कुछ दिन पहले ही भारत की तरफ़ से यह बयान आया था, कि उसके पास अभी 25 दिन का तेल भंडार बचा हुआ है। इस युद्ध को एक सप्ताह हो गए हैं।
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