- भारत दो अहम मुक़ाबले जीतकर पहुंचा फ़ाइनल में
- वरुण चक्रवर्ती बने कमजोर कड़ी
ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पहले वेस्टइंडीज और फिर सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराकार इस विश्वकप के फ़ाइनल में जगह बना ली है। भारत के लिए फ़ाइनल में पहुंचने लिए ये दो मुक़ाबले बेहद अहम थे, जिसे जीतने के लिए भारत को मशक़्क़त करनी पड़ी। अब फ़ाइनल में भारत की टक्कर न्यूज़ीलैंड से होनी वाली है।
फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड की चुनौती
न्यूज़ीलैंड को हराना भी भारत के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होने वाली, क्योंकि न्यूज़ीलैंड ने जिस तरह से सेमीफ़ाइनल में सबसे ख़तरनाक दिख रही दक्षिण अफ़्रीका को हराया था, उसे देखते हुए भारत को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। भारत और इंग्लैंड के बीच हुए सेमीफ़ाइलन में कोई भी टीम जीत सकती थी। इंग्लैंड हार गया, तो इसका कतई यह मतलब नहीं है, कि इंग्लैंड अच्छा नहीं खेला। 254 रन का लक्ष्य का पीछा करते हुए मात्र 7 रन से उसे हार का सामना करना पड़ा। इससे पता चलता है, कि भारत के लिए गेंदबाजी बड़ा मसला है।

भारत की ख़राब गेंदबाजी
इस विश्वकप में वेस्टइंडीज़, इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका के सामने भारत की ख़राब गेंदबाजी खुलकर सामने आई। हालांकि भारत मुक़ाबले में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड से जीतने में कामयाब रही और फ़ाइनल में प्रवेश कर गई। बल्लेबाजी के दम पर ही भारत आज चैम्पियन बनने से एक क़दम दूर है, वरना इस T20 वर्ल्ड कप में गेंदबाजी उस स्तर की नहीं दिखी, जो विश्वकप शुरू होने से पहले दिख रही थी।
अहम गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती बने कमजोर कड़ी
वरुण चक्रवर्ती जो भारत के सबसे अहम गेंदबाज माने जा रहे थे, अगर उनके भरोसे भारतीय टीम रहती, तो कब का बाहर हो चुकी होती। इस T20 विश्वकप में वरुण चक्रवर्ती सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। यहां तक की सुपर 8 में वह ज़िम्बाब्वे के सामने भी संघर्ष करते नज़र आए। वेस्टइंडीज के खिलाफ़ भी कोई करिस्मा नहीं दिखा पाए और वहीं इंग्लैंड के सामने तो उन्होंने 64 रन दे डाले। कुल मिलाकर वरुण चक्रवर्ती पूरे विश्वकप में ख़राब गेंदबाजी से जूझते रहे। साथ ही शिवम दुबे भी गेंदबाजी में कमजोर कड़ी साबित हुए है। इसके अलावा अर्शदीप सिंह, हार्दिक पांड्या और किसी-किसी मैच में जसप्रीत बुमराह भी गेंदबाजी में संघर्ष करते नज़र आए। वो भला हो बल्लेबाजी का, जिन्होंने गेंदबाजों के सामने लड़ने के लिए अच्छे रन बनाकर दिए, लेकिन ऐसा हमेंशा संभव नहीं होगा। आप हमेंशा बल्लेबाजों के दम पर मैच नहीं जीत सकते।
कैसी रही बल्लेबाजी
बल्लेबाजी में भी अभिषेक शर्मा भी कुछ ख़ास नहीं कर पाए। पहले तीन मैच में तो वो खाता भी नहीं खोल पाए थे और इस विश्वकप में टीम को अच्छी शुरुआत देने में कामयाब नहीं हुए। रिंकू सिंह को भी मौक़े मिले, लेकिन फ़ायदा नहीं उठा पाए। संजू सैमसन की उन दो पारियों ने आज भारत को फ़ाइनल की राह पर पहुंचा दिया है। इसके अलावा तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या और कप्तान सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी भा बल्लेबाजी मिली-जुली रही। पहले मैच में अमेरिका के ख़िलाफ़ जो भारत की बल्लेबाती डगमगा गई थी, अगर सूर्यकुमार यादव ने रन नहीं बनाए होते तो वो मैच जीतना मुश्क़िल हो जाता।

भारत को रहना होगा सतर्क
कुल मिलाकर अहमदाबाद में होने वाले फ़ाइनल को जीतने के लिए भारत को कुछ सुधार की ज़रूरत होगी। खासकर गेंदबाजी में। न्यूज़ीलैंड की टीम हमेशा से सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल तक पहुंचती रही है, लेकिन टॉफ़ी का सूखा अभी भी बरक़रार है। पिछले साल भारत और न्यूज़ीलैंड चैम्पियन ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में आमने-सामने हुए थे, जहां भारत ने न्यूज़ीलैंड को हराकर ट्रॉफ़ी अपने नाम की थी। न्यूज़ीलैंड 2019 का विश्वकप जीतते-जीतते रह गया था। इस बार न्यूज़ीलैंड पूरी कोशीश करेगा, कि इस सूखे को ख़त्म किया जाए और इसलिए भारत को फ़ाइनल में चौक़न्ना रहना होगा।



