- अफ़गानिस्तान को दो बार मिले थे जीतने के मौक़े
- दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीम के छूटे पसीने
ऐसे मुक़ाबले तो बस वर्ल्ड कप जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर ही हो सकते हैं, जहां मानों लगता है, कि धड़कन एक पल के लिए रुक गया, जहां बैठे-बैठे पसीने छूटने लगते हैं। जहां प्रेशर अपने चरम पर होता है और ऐसे प्रेशर में टीम जब अपना 100 प्रतिशत दे, तो यह अपने आप में बताता है, कि यह मैच विश्वकप के नज़रिए से किसी टीम के लिए कितना महत्वपूर्ण है। आज कुछ ऐसा ही मुक़ाबला देखने को मिला, जिसमें रोमांच और तनाव इतना था, कि इससे ज़्यादा और कुछ नहीं हो सकता।

अफ़गानिस्तान ने टॉस जीतकर लिया गेंदबाज़ी का फ़ैसला
अफ़गानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला लिया। फ़ैसला सही था और शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका को रन नहीं बनाने दिया और मार्करम को जल्दी ही 5 रन पर चलता किया। इसके बाद आए रिकेलटन ने डी कॉक का साथ देते हुए 114 रन की साझेदारी की और तेज़ी से 12 ओवर और चार गेंदों में 126 रन का स्कोर बोर्ड पर लगा दिया, लेकिन इसी ओवर में राशिद ख़ान ने पहले डी कॉक को 61 पर और फिर रिकेलटन को 61 पर आउट करके अफ़गानिस्तान की वापसी कराई और दोबारा स्कोर के रफ़्तार को धीमें किया।
इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के निरंतर विकेट गिरते रहे और जो स्कोर एक समय 200 के पार जाता दिख रहा था, वो 20 ओवरों में 187 तक ही पहुंच पाया। ब्रेविस, मिलर और यान्सेन ने 23, 20 और 16 रन की पारी खेली। अफ़गानिस्तान की तरफ़ से अज़मतुल्लाह ओमरज़ई ने 3 और राशिद ख़ान ने 2 विकेट लिए।

अफ़गानिस्तान का रन चेज़
साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी को देखते हुए 188 रन का लक्ष्य आसान नहीं था, लेकिन अफ़गानिस्तान भी मज़बूत इरादे से उतरा था आते ही 4 ओवरों में स्कोरबोर्ड पर 50 रन लगा दिए, लेकिन इसके बाद गेदबाजी करने आए लुंगी एनगिडी ने एक ही ओवर में 2 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की वापसी कराई और देखते-देखते स्कोर 50 पर 0 विकेट से 53 पर 3 विकेट हो गया।
अफ़गानिस्तान संकट में आ गया, लेकिन गुरबाज़ कुछ और इरादे से मैदान में उतरे थे, उन्होंने अफ्रीकी गेंदबाज़ी के छक्के छूड़ा दिए और स्कोर को आउट होने से पहले 12.3 ओवरों में 121 रन तक पहुंचाकर अफ़गानिस्तान की उम्मीदे फिर से जगा दी। गुरबाज़ के आउट होते ही विकेट गिरने का सिलसिला दोबारा शुरू हुआ और स्कोर 139 पर 6 विकेट हो गया। ओमरज़ई की 22 और राशिद की 20 रन की पारी ने टीम को जीत की दहलीज़ पर पहुंचाया, लेकिन दोनों के आउट होते ही दक्षिण अफ्रीका की जीत तय लग रही थी।
आख़िरी ओवर का रोमांच
आख़िरी ओवर में अफ़गानिस्तान को 13 रन बनाने थे और सिर्फ़ 1 विकेट ही बचा था, जिससे उम्मीद नहीं की जा सकती थी। अंतिम ओवर करने आए रबाडा ने पहले ही गेंद पर नूर को आउट कर दिया, लेकिन यह नो बॉल निकला और अब 6 गेंदों में 12 रन बनाने थे। अगली बॉल फ्री हिट थी, लेकिन रबाडा ने वाइड गेंद कर दी और फ्री हिट कायम रहा। अब टीम को 6 गेंदों में 11 रन चाहिए थे। फ्री हिट पर कोई रन नहीं मिला और अब 5 गेंदों में बनाने थे 11 रन। नूर अहमद ने अगली गेंद मैदान के बाहर भेज गिया और अब अफ़गानिस्तान को 4 गेंदो में बनाने थे 5 रन। अगली गेंद पर नूर को कोई रन नही मिला। रोमांच बढ़ता जा रहा था। अगली गेंद रबाडा ने दोबारा नो कर दी और इस पर नूर ने भागकर दो रन ले लिए और यहां से अब अफ़गानिस्तान की जीत पक्की लग रही थी। यहां नूर ग़लती कर बैठे। 3 बॉल पर 2 रन बनाना था और फ्री हिट भी था। नूर दो रन के लिए भागे लेकिन फ़ारुखी रन आउट हो गए, जबकि दूसरा रन ना दौड़कर 1 रन लिया जा सकता था और अगली गेंद में 1 रन के लिए जाया सकता था। बहरहाल ऐसा नहीं हुआ और अफ़गानिस्तान अपनी ग़लती से मैच टाई करवा बैठा।

पहला सुपर ओवर
मैच का फ़ैसला करने के लिए सुपर ओवर का सहारा लेना पड़ा, लेकिन रोमांच यहां भी कायम रहा। अफ़गानिस्तान ने सुपर ओवर में बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बोर्ड पर लगा दिए। दक्षिण अफ्रीका के खेमे में थोड़ी चिंता दिखी। 6 गेंदों में 18 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका ने भी शुरुआत अच्छी की, लेकिन फ़ारुखी ने अच्छी गेंदबाजी की जिस वजह से अफ्रीका को आख़िरी गेंद पर 7 रन बनाने थे, लेकिन अफ़गानिस्तान फिर यहां चूक गया और अंतिम गेंद पर छक्का दे बैठा और सुपर ओवर भी बराबरी पर ख़त्म हुआ।
दूसरा सुपर ओवर
मैच के फ़ैसले के लिए दोबारा सुपर ओवर का सहारा लिया गया। इतना प्रेशर था, कि बयां करना मुश्क़िल है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने इस सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोर का पहाड़ लगा दिया। इस सुपर ओवर में अफ़गानिस्तान को 6 गेंदों पर 24 रन बनाने थे। बल्लेबाजी के लिए अफ़गानी टीम उतरी और पहले गेंद पर नबी के बल्ले से रन नहीं निकला और दूसरी गेंद पर आउट हो गए। यहां से दक्षिण अफ्रीका की जीत पक्की लग रही थी, लेकिन बैटिंग करने आए गुरबाज़ ने हार नहीं मानी और भले 4 गेंदों पर 4 छक्के लगाने थे, वो इसके लिए भी तैयार थे। वो बस चाहते थे, कि किसी भी तरह अफ़गानिस्तान को जीत मिल जाए। गुरबाज़ ने पहली, दूसरी और तीसरी गेंद पर 3 छक्के लगा दिए और 1 गेंद पर 6 रन का लक्ष्य कर दिया। अब दक्षिण अफ्रीका के पसीने छूटने लगे, कि अब यह मुक़ाबला हाथ से गया। अगली गेंद वाइड फ़ेकी गई और अब अफ़गानिस्तान को 1 गेंद पर 5 रन बनाना था और इस बार गुरबाज़ चूक गए और दक्षिण अफ्रीका 4 रन से जीत गया।
सबके मूंह से निकला ओह अफ़गानिस्तान यह क्या किया, यह मुक़ाबला तुम्हारा था।
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