- अमेरिका-इंजरायल युद्ध में पैदा हो रहा है उर्जा का संकट
- अली लारीजानी की मौत ईरान के दुखद
ईरान है, कि मानता नहीं
अमेरिका-इज़रायल के लगातार हमले के बाद भी इस युद्ध को 20 दिन से ऊपर हो चुके हैं। पहले ही दिन जब अमेरिका ने सुप्रीम लीडर खामेंनेई के साथ-साथ बडे अधिकारियों को बमबारी में मौत के घाट उतारा, तो कयास लगाए जा रहे थे, कि अब ईरान सरेंडर कर युद्ध पर विराम लगा देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसक विपरित ईरान हमेंशा नई उर्जा के साथ मजबूती से पेश आया। अपना नया लीडर चुना व लगातार चुनौतियां भी पेश कर रहा है। यहीं कारण है, कि अमेरिका को अब सोचना पड़ रहा है, कि अब क्या करें, किस रणनीति से ईरान को झुकने पर मजबूर करें, लेकिन ईरान है, कि मानता नहीं।
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इज़रायल ने सुरक्षा प्रमुख लारीजानी को मार गिराया
ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख अली लारीजानी के मारे जाने की ख़बर ईरान के लिए इस महायुद्ध के मद्देऩजर पीड़ादायक है। कहा जाता है, कि लारीजानी की पकड़ ईरान की राजनीति में काफ़ी मजबूत थी और इस लड़ाई में भी वो ईरान के प्रमुख चेहरा थे। पूर्व सुप्रीम लीडर खामनेई के बाद ईरान में लारीजानी की ख़ूब चलती थी, यही नहीं राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से भी ज़्यादा चर्चित अली लारीजानी की इज़रायली हमले में मौत हो गई है, जिसकी पुष्टि ख़ुद इज़रायल ने की है। इसके अलावा अर्धसैनिक बसीज़ फ़ोर्स के कमांडर जनरल गुलामरेजा सुलेमानी की भी इज़रायली हमलों में मरने की ख़बर है।
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इज़रायल का कहना है, कि वो ईरान के बड़े-बड़े चहरों को निशाना बना रहे हैं, ताक़ि ईरान कमजोर हो होकर सरेंडर करे, ताक़ि वहां की जनता अपनी सरकार चुनकर ख़द आज़ादी से जी सके।
ईरान के पार्स गैस पर हमला
इज़रायल और अमेरिका लगातार बमबारी से ईरान को कमज़ोर करने में लगे हैं औा इसी कड़ी में ईरान की सबसे बड़ी और मुख्य पार्स गैस पर हमला कर दिया गया है। ईरान के पार्स गैस पर हमला कोई मामूली बात नहीं है, ये दुनिया भर के लिए क्षति के रूप में देखा जा रहा है। इस हमले की निंदा भी कई देशों ने की है। बताया जा रहा है, कि इस हमले से पूरे विश्व में उर्ज़ा का संकट गहरा जाएगा। तेल और गैस की हलचल इस हमले के बाद और तेज़ हो गई है। मालूम होता है, कि भविष्य में तेल और गैस के लिए हर देश को जूझना पड़ सकता है।

हमले का जवाब देता ईरान
अपनी सबसे बड़ी पार्स गैस की क्षति के बदले ईरान ने एक बार फिर अपने पड़ोसी खाड़ी देश पर हमले तेज़ कर दिए हैं। ईरान की बनाई गई योजना के अनुसार वह अपने पड़ोसियों की तेल रिफ़ाइनरी प्लांट पर हमला कर उन्हें ख़त्म कर रहा है। ईरान ने क़तर की रास लफ़ान पर मिसाइल से हमला कर दिया है, जिससे क़तर को लिक्विफ़ाइड एनर्जी गैस (एलएनजी) के अंजर्गत बड़ी क्षति पहुंची है, जिसका असर अब पूरी दुनिया में पड़ेगा। इस हमले के बाद वहां के मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने जवाब में कहा, कि इस मिसाइल हमले के बाद एलएनजी के निर्यात में 17 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। यह बताता है, कि भविष्य में गैस का ख़तरा अब मंडराने लगा है।

इसके अलावा ईरान ने साउदी अरब के ऑयल प्लांट को भी निशाना बनाया है। ईरान शुरू से ही बड़े-बड़े सभी तेल रिफ़ाइनरियों को अपना निशाना बना रहा है, जिसमें आरामको का भी नाम है। इसके अलावा ईरान लगातार चेतावनी भी दे रहा है, कि भविष्य में ऑयल प्लांट्स पर हमले होते रहेंगे। इसे अमेरिका और इज़रायल के अलावा खा़ड़ी देशों के लिए बड़ी चनौती के रूप देखा जा रहा है। यूएई, साउदी अरब और क़तर लगातार ईरान के निशाने पर है।



