- दुबई से तेल अवीव जा रही फ़्लाईदुबई
- घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला था काॅकपिट
आज पूरी दुनिया में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा हो रही है। 174 लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन ने जिस शौर्य का परिचय दिया, वो हर किसी के बस की बात नहीं। आज कैप्टन स्मित मच्छार एक नायक के रूप में देखे जा रहे हैं। इज़रायल के प्रधामंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैप्टन स्मित मच्छार के इस साहस की सराहना कर रहे हैं।
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एक बार फिर चर्चा में 9/11
पूरी दुनिया में यही चर्चा है, कि कैप्टन की इस बहादुरी से 9/11 दोबारा होने से बच गया। हम सबको याद है, कि इसी तरह प्लेन हाइजैक करके अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और पेंसिल्वेनिया पर आतंकी हमला हुआ था और 3000 से ज़्यादा बेकसूर लोगों ने अपनी जान गवां दी थी। इस टेररिस्ट सुसाइड अटैक में अल-कायदा के आतंकवादियों ने 4 प्लेन को हाइजैक कर एक के बाद एक हमले किए थे। इस घटना को 9/11 की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि सह पायलट का इस तरह से हमला करना कई सवाल खड़े करता है। जांच के बाद ही इसके मक़सद के बारे में पता चल पाएगा।

कॉकपिट खुलने से बची यात्रियों की जान
30 सितंबर को फ़्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, तभी कॉकपिट के अंदर गंभीर घटना सामने आई, जिसमें सह पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से अचानक हमला कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, हमले में कैप्टन बूरी तरह घायल होकर खून से लथपथ हो गए, लेकिन इसके बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने अंदर पहुंचकर कथित हमलावर को काबू कर पकड़ लिया। इसके बाद विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया।
इज़रायली यात्री यानिव हयून चर्चा में
इस घटना में इज़रायली यात्री यानिव हयून की भी खूब प्रशंंसा हो रही है। पायलट स्मित मच्छार के कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने के बाद यात्री यानिव हयून ने हमलावर को काबू करने और विमानइ को नियंत्रण करने में अहम भूमिका निभाई। जब सह पायलट ने कैप्टल पर चाकू पर हमला किया, तब विमान 33 से 34 हज़ार फीट की ऊंचाई पर चल रहा था, तभी अचानक प्लेन क़रीब 17,000 फीट नीचे आ गया। स्मित मच्छार के कॉकपिट खोलते ही यानिव हयून सहित क्रू मेंबर, अन्य पायलट और यात्री कॉकपिट में आ गए। यानिव हयून की बुद्धिमत्ता की प्रशंसा इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कर रहे हैं। नेतन्याहू ने इस यात्री से स्वयं मिलकर शुक्रिया अदा किया।
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प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन की सराहना की
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना करते हुए कहा, कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने हमलावर का सामना बहादुरी से किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में मदद की, जिससे यात्री और क्रू मेंबर कॉकपिट में आ सकें और हमलावर को काबू कर सकें। भारतीय दूतावास के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छार की हालत स्थिर है और उनका सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है। दूतावास उनके परिवार के संपर्क में है और ज़रूरी सहायता उपलब्ध करा रहा है।
फिलहाल बंद है इज़राइल की उड़ानें
घटना की गंभीरता को देखते हुए फ्लाईदुबई ने इज़राइल से आने-जाने वाली सभी उड़ानों को अभी के लिए निलंबित कर दिया है। वहीं, घटना के कारण और कथित हमलावर के मकसद की जांच जारी है। एयरलाइन ने मामले में समयपूर्व अटकलों से बचने की अपील की है।






