- एजेंसी का गेट रखा जा रहा था बंद
- बिना OTP दिया जा रहा था गैस
हापुड़: युद्ध के बाद से लगातार रसोई गैस की मांग बढ़ती जा रही है, जिसका फ़ायदा देश के कुछ भ्रष्ट लोग उठा रहे हैं। नतीज़ा गैस की कालाबाज़ारी की जा रही है, ताक़ि इस समय का फ़ायदा उठाकर ज़्यादा से ज़्यादा कमाई की जा सके। इससे पता चलता है, कि अभी भी देश में नियम और का़नून पर बहुत ज़्यादा काम किया जाना बाक़ी है। कालाबाज़ारी से आमजन तक गैस पहुंचने में दिक़्क़त हो रही है और वो इंडक्शन ख़रीदने के लिए मजबूर है। जब गैसा एजेंसी ही कालाबाज़ारी करने लगें, तो किस पर विश्वास किया जाए। एसे गैस एजेंसी को हमेंशा के लिए बंद कर दिया जाना चाहिए।
हापुड़ में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। हापुड़ में भारत गैस की महेंद्र एजेंसी के ख़िलाफ़ शिकायत मिली थी, कि एजेंसी का गेट बंद रखा जा रहा है और उपभोक्ताओं को बिना ओटीपी के ही गैस डिलीवरी की जा रही है। इसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने मिलकर गांव टियाला में स्थित भारत एजेंसी का निरीक्षण किया।
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हैरत की बात है, कि जांच के दौरान एजेंसी में सिलेंडर की बिक्री और स्टॉक का रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं मिला। मौक़े पर 27 भरे हुए सिलेंडर और क़रीब 300 खाली सिलेंडर बरामद किए गए। इसके बाद विभाग को अव्यवस्था और कालाबाज़ारी का संदेह हुआ और विभाग ने एजेंसी के गोदाम को तुरंत सील कर दिया। साथ ही एजेंसी संचालक के ख़िलाफ़ संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि गैस की कालाबाजारी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद हापुड़ जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने कहा, कि जनपद हापुड़ में गैस की कालाबाज़ारी रोकने के लिए जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग कड़ी कार्रवाई करने में लगे हैं। उन्होंने बताया, कि इस गैस एजेंसी पर धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।



