- 9 अप्रैल को होने हैं असम चुनाव
- जोरहट सीट से हिमंत बिस्वा सरमा के सामने गौरव गोगई
बीजेपी और कांग्रेस की सीधी टक्कर
भारतीय जनता पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ कर दी हैं। यहां बीजेपी की सीधी टक्कर कांग्रेस से है। असम का चुनाव अब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बनाम गोरव गोगई भी बन गया है। दोनों जोरहट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के सामने गोगई को लाकर एक चुनौती पेश कर दी है।
यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और गौरव गोगई की होगी टक्कर

कांग्रेस के बीजेपी पर आरोप
इसके अलावा कांग्रेस बीजेपी पर लोगों की ज़मीन हड़पने के अलावा भ्रस्टाचार के भी आरोप लगा रही है। बावजूद इसके बीजेपी असम में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में संतुष्ठ नज़र आ रही है और पूरे विश्वास के साथ चुनाव प्रचार में लगी हुई है। असम की जनता के बीच हिमंत बिस्वा सरमा की छवि एक ज़मीनी नेता के रूप में होती रही है, वो आम लोगों के बीच एक चर्चित चेहरा हैं, जिसे भेदना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। इसके अलावा कांग्रेस के प्रद्युत बोरदोलोई का बीजेपी में आना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।

घोषणा पत्र जारी
इस बीच भाजपा ने असम की जनता के सामने अपने घोषणा पत्र को जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र में असम की जनता की मूलभूत ज़रूरतों और मांगों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस घोषणा पत्र को केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारामन ने लागू किया और इस दौरान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा उपस्थित थे।

भाजपा के संकल्प पंत्र की प्रमुख बातें:
1) समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना।
2) अतिक्रमण से मुक्ति।
3) आप्रवासी (असम से निष्कासन) अधिनियम 1950 लागू करना।
4) वास्तविक नागरिकों को भूमि अधिकार प्रदान करना।
5) सड़क मार्ग, रेलवे, हवाई यात्रा और जलमार्ग को 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश।
6) बाढ़ मुक्त असम मिशन के तहत 18 हज़ार करोड़ के निवेश का संकल्प।

7) दो लाख सरकारी नौकरियों का वादा।
8) 8वां वेतन आयोग को लागू करने का वादा।
9) ग़रीबों के लिए मुफ़्त राशन।
10) एक ज़िला एक विश्वविद्यालय को लॉन्च करना।
11) ग़रीब परिवार के बच्चों के लिए केजी से पोस्ट ग्रेजुएशन तक मुफ़्त शिक्षा के अलावा वित्तीय सहायता।
12) महिलाओं के ओरुनोदोई सहायता को बढ़ाकर 3,000 रुपये करनाकरना और मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता को बढ़ाना।

13) छोटे किसानों को साल में 11,000 रुपये की मदद।
14) आदिवासी समुदायों की सुरक्षा।
15) चाय बागानों के मजदूरो की मजदूरी को 500 रुपये तक बढ़ाना।
16) पर्यटन को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ावा।
17) डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी बनाने पर काम।
18) राज्य में एक्सप्रेसवे और वंदे भारत ट्रेन परियोजनाओं में निवेश।

निष्कर्ष
चुनाव से पहले हर पार्टी जनता के सामने संकल्प करती है, लेकिन असली परीक्षा चुनाव जीतने के बाद शुरू होती है। चुनाव जीतने के लिए हर पार्टी जनता का दिल जीतने के लिए वो सबकुछ करना चाहती है, जो उसे पसंद है। असम के मौजूदा मुख्यमंत्री असम की जनता के बीच काम करने के मामले में लोकप्रिय हैं, अब देखना होगा, कि बीजेपी का यह संकल्प पत्र इस चुनाव में फ़ैसला लेकर आता है।
यह भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने जारी की अपनी उम्मीदवारों की सूची, अधीर रंजन चौधरी का नाम शामिल
Photo: BJP official



