- पीएम ने असम में की परियोजनाओ की बौछार
- किसान और चाय बगान के मजदूरों के लिए विशेष अवसर
असम चुनाव की हलचल
असम में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी गई है। इस बीच असम चुनाव भी आजकल चर्चा में है और माहौल भी गरम है। एक तरफ़ कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रद्युत बोरदोलोई के कांग्रेस छोड़ने की ख़बर ने हलचल मचा दिया, वहीं दूसरी तरफ़ बीजेपी की दीसपुर सीट से अतुल बोरा का नाम काट कर प्रद्युत बोरदोलोई का नाम देने से अतुल बोरा नाराज़ हो गए। उनकी नाराजगी को देखते हुए कांग्रेस के नेता उनके संपर्क में आए।

कांग्रेस ने लगाए भ्रस्टाचार के आरोप
असम चुनाव की हलचल तब और तेज़ हो गई जब जोरहट सीट से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सामने कांग्रेस के गौरव गोगई का नाम आया। साथ ही कांग्रेस ने हिमंत बिस्वा सरमा के ऊपर भ्रस्टाचार और घोटाले जैसे कई आरोप लगाए है। इसके अलावा जुबिन गर्ग की मौत का मुद्दा भी उठाया जा रहा है, जिसमें असम की जनता चाहती है, कि इस दिग्गज गायक की मौत की जांच सही तरीक़े से होनी चाहिए। बंगाल की तरह असम के चुनाव पर भी सबकी नज़रे टीकी हई हैं।
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असम के कई हिस्से में परियोनाओं का लोकर्पण
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम का दौरा किया और कई परियोनाओं का लोकर्पण और शिलान्यास किया, जिसे असम के विकास के लिए ज़रूरी तो माना ही जा रहा है, वहीं चुनाव के आसपास प्रधानमंत्री का यह दौरा अपने आप में बहुत कुछ कहता है और इससे बीजेपी को चुनाव में फ़ायदा मिल सकता है। नरेंद्र मोदी ने कोकराझार में 4,570 करोड़, गुवाहाटी में 19,500 करोड़ और असम के सिलचर में 23,550 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को उद्घाटन किया।

कोकराझार में परियोनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए असम के कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपये की विकास परियोजना का उद्घाटन किया। इसके अंतर्गत बोडोलैंड सड़क नेटवर्क और कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाना जैसी विकास परियोजना शामिल है। इससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं इन परियोजना से किसानों को बड़े बाज़ारों से जुड़ने में मदद मिलगी। पीएम ने कहा, कि बोडोलैंड में कभी हिंसा गुंजती थी, लेकिन अब बोडोलैंड शांति के लिए जाना जाता है।

गुवाहाटी में विकास की नई सीढ़ी
गुवाहाटी में प्रधानमंत्री ने क़रीब 19,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अंतर्गत विद्युतिकरण, सड़क परिवहन, रिफ़ाइनरी का विस्तार, नुमालीगढ़-सिलिगुड़ी गैस पाइपलाइन, गोलाघाट में पहला ‘सेकंड-जेनरेशन बायो-इथेनॉल प्लांट’ और निमाती घाट व बिश्वनाथ घाट पर आधुनिक क्रूज टर्मिनल जैसी विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई। इसे असम के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सिलचर में 23,550 करोड़ रुपये की नींव
असम के सिलचर में भी पीएम मोदी ने 23,550 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके अंतर्गत शिलॉग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर, जो मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा से जोड़ेगा, साथ ही नया सिलचर फ्लाईओवर, 2,500 किलोमीटर से अधिक रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण सफ़र को रफ़्तार प्रदान करेगा।

पीएम बोले किसान और चाय बगानों के मजदूरों की राह हुई आसान
प्रधानमंत्री ने किसानों और चाय बगान के मजदूरों पर खुलकर बाती की। उन्होंने कहा, कि प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि के तहत अब तक असम के किसानों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी की जा चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कहा, कि आज एमएसपी, सस्ते ऋण, फ़सल बीमा और पीएम किसान सम्मान निधि ने किसानों की राह आसान बनाई है। इसके अलावा उन्होंने इस बात पर भी सबका ध्यान केंद्रित किया, कि सरकार ने चाय बागानों के युवाओं के लिए विशेष रूप से स्कूल, छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा, कि असम सरकार ने हजारों चाय बागान परिवारों को भूमि के अधिकार प्रदान करके ऐतिहासिक काम किया है, जो उन्हें कानूनी सुरक्षा के अलावा भूमि अधिकार परिवारों को स्थाई आवास, बिजली और पानी जैसी केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री का असम जाना, वहां की जनता के सामने विकास की नई तस्वीर को उजागर करना फ़ायदा पहुंचा सकता है। परियोजनाओं के माध्यम से जनता को नई तकनीक़ और मॉडल से जोड़ने की कोशिश चुनाव में वोट के समय देखने को मिल सकती है। दूसरी तरफ़ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा असम का बड़ा चेहरा है और वहां की जनता के साथ ज़मीनी स्तर पर जुड़े रहे हैं और असम को सुधारने में ज़रूरी क़दम उठाए हैं।
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