विकसित भारत के लिए ज़रूरी है महिला सशक्‍तिकरण

  • छात्राओं के लिए खोले जाएंगे हर ज़‍िले में एक छात्रावास
  • आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए शी-मार्ट योजना का प्रस्‍ताव

आम बजट में महिला सशक्‍तिकरण को और मजबूती देने के लिए कई ज़रूरी घोषणाएं की गई हैं। दरअसल देश में महिला सशक्‍तिकरण बहुत बड़ा मुद्दा है। अगर हम विकसित भारत की बात कर रहे हैं, तो महिलाओं को हर तरह से सशक्‍त बनाना होगा, क्‍योंकि अगर महिलाएं पीछे रह जाएंगी, तो विकसित भारत बेइमानी होगी। शि‍क्षा से लेकर रोज़गार तक और आर्थि‍क रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इस कड़ी में सरकार भी महिलाओं के खातों में अब सीधे पैसे भेज रही है।        

धरातल पर जाकर करना होगा काम

महिलाओं को सशक्‍त बनाने के लिए धरातल पर काम करना होगा। गांव में महिलाओं की हालत आज भी बहुत अच्‍छी नहीं है। बेटियां या तो घर के काम में ही पूरा समय लगा देती है, या पूरा दिन खेत में बीत जाता है। मगर सोचने वाली बात है, कि बेटियां चूल्‍हे पर सिर्फ़ रोटी पकाने के लिए नहीं, बल्‍कि समाज में अपनी राय देने के लिए बनी हैं। अपनी योग्‍यता से समाज को बदलने के लिए बनी है। साक्षरता की बात करें, तो महिलाओं की स्‍थिति बहुत अच्‍छी नज़र नहीं आती और शहर के मुक़बाले ग्रामीण क्षेत्रों में ज़्यादा ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है। गांव में आज भी स्‍कूलों की हालत ठीक नहीं है और शि‍क्षा का स्‍तर भी बेहतर नज़र नहीं आता। यहां भी सुधार की ज़रूरत है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सुरक्षा को भी दुरुस्‍त करने की आवश्‍यकता है। यहां स्‍वतंत्रता भी एक मुद्दा है, क्‍योंकि गांवों में आज भी महिलाओं और बेटियों को जल्‍दी घर से निकलने नहीं दिया जाता।  

आत्‍मनिर्भर बनाने वाली योजना

इस कड़ी में क़दम उठाते हुए सरकार ने महिलाओं को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना लागू की है, जिसका लक्ष्‍य है, कि महिलाओं की वार्षि‍क आय 1 लाख रुपये होनी चाहिए। इसका परिणाम काफ़ी सकारात्‍मक रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्‍य रखा है। सरकार कई योजनाएं लागू करती हैं, लेकिन कुछ लोग इन योजनाओं से अनभिज्ञ रह जाते हैं। सरकार की यह ज़‍िम्‍मेदारी होनी चाहिए, कि योजनाएं लागू करने के बाद वो सही लोगों तक पहुंच रही है या नहीं इसकी जांच करे। अगर वह लोगों तक नहीं पहुंच पा रही, तो वह महज एक काग़ज़ में बंद रह जाएंगी।

बजट में शी-मार्ट का प्रस्‍ताव

लखपति दीदी की सफ़लता को देखते हुए इसबजट में भी महिलाओं को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए नई योजना शी-मार्ट का प्रस्‍ताव रखा गया है। इसके अंतर्गत ऋण आधारित आजिविका से ग्रामीण महिलाएं ख़ुद के व्‍यवसाय की स्‍वामी बन सकेंगी। यहां स्‍वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाई गई वस्‍तुएं बेची जाएंगी। इससे महिलाओं को अपनी एक पहचान मिलेगी।

हर ज़िले में बालिकाओं के लिए खुलेंगे  एक छात्रावास

बालिकाओं को अच्‍छी शिक्षा मिले इसके लिए बजट में सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे उच्‍च संस्‍थानों में अध्‍ययन के लिए हर ज़िले में एक छात्रावास बनाने का प्रस्‍ताव रखा है। इससे बेटियों को बाहर जाकर पढ़ने में आने वाली चुनौती से राहत मिलेगी और उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त कर सकेंगी। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ़ योजनाएं ही काम नहीं करेंगी, बल्‍कि घर के सदस्‍यों को भी अपनी सोच बदलनी होगी और मह‍िलाओं-बेटियों को भी आगे बढ़ने की इच्‍छा प्रबल करनी होगी। आज महिलाओं ओर बालिकाओं के लिए आगे बढ़ने के कई रास्‍ते खुल गए हैं, बस हमें उन रास्‍तों को खोजना होगा और उस पर चलना होगा।

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