- ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्रालय को मिले 4.35 लाख करोड़ रुपये
- अकेले कृषि विभाग को मिले 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक
बजट की शुरुआत में ही वित्त मंत्री ने यह संदेश दे दिया था, कि इस आम बजट के माध्यम से हमारी सरकार का संकल्प है, कि वंचितों को हर सुविधा से जोड़ा जा सके। हमारी सरकार चाहती है, कि हमारे देश के ग़रीबों को फ़ायदा मिले। इसी कड़ी में हमारे देश के अन्नदाता किसान जिनके बिना देश की अर्थव्यवस्था के बारे में सोचना बेमानी है, उस किसान को हर तरह की सुविधा और सहायता देने की संभव कोशिश इस बजट में दिखाई देती है।
बजट में किसान के उत्पादन, आय और शिक्षा पर ध्यान
ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्रालय को इस बार 4.35 लाख करोड़ रुपये ख़र्च करने के लिए मिले है, जिसमें कृषि विभाग को 1.40 लाख करोड़ से अधिक रुपये मिले हैं, जिसमें कृषि शिक्षा पर भी 10 हज़ार करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएंगे। यह दर्शाता है, कि सरकार किसानों को मजबूत बनाना चाहती है। अगर किसान की स्थिति ठीक होगी, तो देश की अर्थव्यवस्था भी पटरी पर आएगी। सरकार ने इस बात पर ध्यान दिया है, कि किसान की आय कैसे बढ़े, उसके लिए किसानों के उत्पादन को बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है और सिर्फ़ उत्पादन ही नहीं उच्च मूल्यों की फ़सल पैदा हो, जिससे वो अच्छे दामों में बिक़े और किसानों की आय दोगुनी हो।

उच्च मूल्य वाली कृषि पर ध्यान
किसान की उत्पादकता बढ़ाने, आये बढ़ाने और रोज़गार के नए अवसर पैदा करने के लिए नारियल, चंदन, काजू, बादाम, अखरोट और कोको जैसी फ़सलों के लिए सहायता की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा, कि आज देश की बड़ी जनसंख्या नारियल से अपनी आजीविका चला रही है। इसे देखते हुए सरकार ने नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव रखा है, जिसमें नारियल के नए पौधों व किस्मों के द्वरा उत्पादन को बढ़ाया जाएगा।
मत्स्य पालन को बढ़ावा
इस बजट में मत्स्य पालन को सुदृढ़ करने पर ज़ोर दिया गया है। इसमें जलाशयों और अमृत सरोवर का विकास, मत्स्य पालन के लिए स्टार्टअप्स और मत्स्य पालन उत्पादक संगठनों को बाज़ार से जोड़ने जैसी योजना तैयार की गई है।

पशुपालन के लिए प्रोत्साहित करना
सरकार ने पशुपालन पर ख़ासा बल दिया है। पशुपालन में सब्सिडी जैसे कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा पशुधन, डेयरी और मुर्गीपालन जैसे उद्यमों का आधुनिकीकरण करना और उचित मूल्य निर्धारण के माध्यम से पशुधन किसानों को लाभ पहुंचाने की बात इस बजट में की गई है। इसी कड़ी में पुशओं की सुरक्षा के लिए 20 हज़ार से अधिक पशु चिकित्सक पेशेवरों को उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है।
किसानों को आधुनिकता से जोड़ना
समय की मांग को देखते हुए किसानों को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने की चर्चा बजट के दौरान की गई। इसके लिए एग्रीटेक पोर्टल तैयार की गई है, जो एक बहुभाषीय एआई टूल है। यह टूल कृषि में आने वाली हर चुनौती में सहायता करेगा। यह किसानों को सही समय पर सही निर्णय लेने में भी सक्षम बनाएगा।
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