- न्यूज़ीलैंड के आसपास भी नहीं भटकी श्रीलंका
- 61 रन से न्यूज़ीलैंड जीता इस मुक़ाबले को
श्रीलंका का हुआ बूरा हाल
कोलंबो में खेले गए श्रीलंका बनाम न्यूज़ीलैंड सुपर 8 मुक़ाबले में श्रीलंका एक बार फिर अपनी ही धरती पर बूरी तरह से हार गया है। अपने सुपर 8 के पहले मुक़ाबले में भी श्रीलंका को इंग्लैंड से मूंह की खानी पड़ी। सुपर 8 जैसे मुक़ाबले में श्रीलंका का अपनी ही धरती पर बेहद निराशाजनक परफ़ॉर्मेंस रहा।
आख़िरी के 4 ओवर में फ़िसला मैच
श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फ़ैसला लिया और उसका फ़ैसला 12 ओवर और 1 गेंद तक सही साबित होता दिख रहा था, जब न्यूज़ीलैंड के 84 रन पर ही 6 विकेट गिर गए थे, लेकिन इसके बाद आए कप्तान सैंटनर और मैकॉन्ची ने 20 ओवर तक बल्लेबाजी की और टीम का स्कोर 47 गेंदों में 84 रन की साझेदारी की मदद से 7 विकेट पर 168 पहुंचा दिया। एक समय तो ऐसा भी था, जब 16 ओवर की समाप्ती के बाद न्यूज़ीलैंड का स्कोर सिर्फ़ 98 रन ही था। इसके बाद जो हुआ वो श्रीलंका को हताश कर गया। न्यूजीलैंड ने आख़िरी के चार ओवर में 70 रन ठोक डाले और श्रीलंका को ना सिर्फ़ इस मैच से बल्कि विश्वकप से बाहर कर दिया।

सैंटनर की आतिशबाजी
न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी 16 ओवर तक लड़खड़ाती रही। बल्लेबाजी में कप्तान मिचेल सैंटनर ने सबसे ज़्यादा 26 गेंदों में 47 रन बनाए और उनका बख़ूबी साथ दिया मैकॉन्ची ने, जिन्होंने 23 गेंदो में 31 रन बनाए। इसके अलावा रचिन रविंद्र ने सूझबूझ की बल्लेबाजी से 22 गेंदों में 32 रन का योगदान दिया।
श्रीलंका की गेंदबाजी 16 ओवर तक ठीक रही, लेकिन उसके बाद उन्हें बहुत मार पड़ी। श्रीलंका की तरफ़ से तीक्षणा और चमीरा ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट चटकाए और वेल्ललागे को 1 विकेट मिला।

श्रीलंका की सुस्त बैटिंग
169 रन का पीछा करने उतरी श्रीलंका शुरू से ही सुस्त नज़र आई और एक-एक रन बनाने के लिए तरस गई। हेनरी ने पहली ही गेंद पर इनफ़ॉर्म निशंका को आउट कर श्रीलंका को पहले ही दबाव में डाल दिया। इसके बाद हेनरी ने दोबारा अपने दूसरे ओवर के पहली ही गेंद पर असलंका को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद श्रीलंका पूरे मैच में उभर नहीं पाई। श्रीलंका कितने दबाव में थी उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि उसने 8 ओवर ओर 2 गेंदों में मात्र 29 रन बनाए थे और उसने 4 विकेट भी खो दिए थे। श्रीलंका का हर बल्लेबाज संघर्ष करता दिखा और किसी तरह अपने स्कोर को 8 विकेट पर 107 तक पहुंचाया।
गेंदबाजी में रचिन रविंद्र छाए
न्यूज़ीलैंड की गेंदबाजी प्रशंसा के लायक रही। गेंदबाजी में हेनरी ने ज़बरदस्त गेंदबाजी करते हुए 2 ओवर में मात्र 3 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा गेंदबाजी में रचिन रविंद्र छाए रहे और उन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर 4 विकेट लिए और श्रीलंका को 61 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। रचिन रिवंद्र अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ़ द मैच चुने गए।
पाकिस्तान भी लगभग बाहर
न्यूज़ीलैंड की इस जीत के साथ उसने अपने ग्रुप में अच्छे रन रेट के साथ 3 अंक हासिल कर लिए हैं। श्रीलंका तो इस हार से विश्वकप से बाहर हो गई है और अब पाकिस्तान भी लगभग बाहर होता दिखाई दे रहा है। अगर वो अपना आख़िरी मैच जीत भी ले तब भी उसके 3 अंक ही होंगे, वहीं न्यूज़ीलैंड अच्छे रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर है और वो अभी इंग्लैंड से खेलेगा। इंग्लैंड पहले ही दो मैच जीतकर सेमीफ़ाइनल में पहुंच गया है।


