- श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर ग्रुप में टॉप किया
- ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को हराकर पहुंची सुपर 8 में
अद्भुत कमाल ज़िम्बाब्वे
ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में ज़िम्बाब्वे ने वो कर दिया, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। पहले ऑस्ट्रेलिया और अब श्रीलंका को हरा कर ज़िम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में टॉप किया है। किसी ने सोचा नहीं था, कि जिस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया है, वहां से ऑस्ट्रेलिया टीम क्वॉलीफ़ाई नहीं कर पाएगी, लेकिन ज़िम्बाब्वे ने यह कारनामा कर दिया है। ज़िम्बाब्वे अपने सभी मैच जीतकर सुपर 8 में पहुंच गई है।
ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराया था
ज़िम्बाब्वे ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड और ओमन के साथ था। ओमान के साथ पहले मैच में ज़िम्बाब्वे ने 8 विकेट से आसान जीत दर्ज की थी, वहीं ऑस्ट्रेलिया जैसी वर्ल्ड चैम्पियन को 23 रन से हरा कर ऑस्ट्रेलिया की मुश्क़िले बढ़ा दी थी। उसके बाद आयरलैंड के साथ मैच बारिश में धुल गया और फिर श्रीलंका को 6 विकेट के हराकर ग्रुप में सबसे ज़्यादा 7 पॉइंट्स अर्जित कर ग्रुप में सबसे ऊपर रही, वहीं श्रीलंका 6 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही। ऑस्ट्रेलिया इस आईसीसी T20 वर्ल्ड कप में कुछ ख़ास नहीं कर पाई और पहले ज़िम्बाब्वे और उसके बाद श्रीलंका से हारकर इस विश्व कप से बाहर हो गई।

श्रीलंका ने टॉस जीतकर लिया बल्लेबाजी का फ़ैसला
कोलंबो में खेले गए इस मुक़ाबले में श्रीलंका टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की। पहले विकेट के लिए परेरा और निशंका के बीच 54 रन की साझेदारी हुई। परेरा ने आउट होने से पहले 14 गेंदों में 22 रन बनाए। निशंका एक बार फिर बल्लेबाजी में चमके ऑस्ट्रेलिया के साथ जहां उन्होंने शतकीय पारी खेली थी, वहीं ज़िम्बाब्वे के साथ 41 गेंदों में 62 रन बनाए।
बाद में श्रीलंका की पारी लड़खड़ाई
निशंका और कुशल मेंडिस अच्छा और तेज़ी से खेल रहे थे। श्रीलंका ने अपने 100 रन 12 ओवर में पूरा कर लिए थे और उनके 9 विकेट हाथ में थे, लेकिन मेंडिस के आउट होते ही स्कोर बोर्ड धीरे हो गया और विकेट भी गिरने लगे और यहीं से ज़िम्बाब्वे ने इस मैच में वापसी की। रथनाएके ने एक छोर संभाले रखा और 25 गेंदों में 44 रन बनाए। आख़िरी ओवरों में वेल्ललागे ने 3 चौके लगाकर टीम के स्कोर को 178 रन तक पहुंचाया।
गेंदबाजी में ज़िम्बाब्वे ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया। तेज़ मुज़रबानी ने इस टूर्नामेंट में लगातार अच्छी गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को छकाया है। मुज़रबानी, ब्रैड इवांस, क्रेमर को 2 और बर्ल को 1 विकेट मिला।

ज़िम्बाब्वे की ज़बरदस्त शुरुआत
जैसी शुरुआत ज़िम्बाब्वे के साथ की थी, वहीं शुरुआत श्रीलंका के साथ भी हुई। पहले विकेट के लिए ब्रायन बेनेट और मरुमानी के बीच पहले विकेट के लिए 8 ओवर और 3 गेंदों में 69 रन की साझेदारी हुई। मरुमानी ने आउट होने से पहले 34 रन बनाए। रेयान बर्ल ने आते ही शॉट लगाने लगे और 12 गेंदों में 23 रन बनाए। इसके बाद आए कप्तान सिकंदर रज़ा ने बेनेट के साथ मिलकर ज़िम्बाब्वे को जीत के दहलीज़ पर पहुंचा दिया। रज़ा ने आउट होने से पहले 26 गेंदों में 4 छक्कों की मदद से 45 रन बनाए।
बेनेट शानदार फ़ार्म में
ज़िम्बाब्वे के ब्रायन बेनेट इस विश्वकप में शानदार फ़ॉर्म से गुज़र रहे हैं। इस रन चेज़ में बेनेट अंत तक जमें रहे और नाबाद 48 गेंदों में 63 रन बनाए। एक समय ऐसा आया जब ज़िम्बाब्वे को 6 गेंदों में 8 रन चाहिए थे और लग रहा था, कि ज़िम्बाब्वे यह जीता हुआ मैच हार न जाए, लकिन तीक्षणा की पहली ही गेंद पर मुनयोंगा ने छक्का लगाकर मैच अपने नाम कर लिया और अपने ग्रुप में टॉप किया।
श्रीलंका की गेंदबाजी कुछ ख़ास नहीं रही और ज़म्बिाब्वे के सिर्फ़ 4 विकेट ही गिरा पाई। सिंकदर रज़ा को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया।



