- 253 रन बनाने के बाद मात्र 7 रन से मिली जीत
- बेथेल ने लगाया शानदार शतक
आसान नहीं था सेमीफ़ाइनल
धड़कन बढ़ा देने वाले सेमीफ़ाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हरा दिया है। भारत के 253 रन बोर्ड पर लगाने के बावजूद यह ऐसा सेमीफ़ाइनल था, जो कोई भी जीत सकता था, क्योंकि दोनों टीमों की बल्लेबाजी ज़बरदस्त हुई। गेंदबाजी की बात करें तो दोनों टीमों के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गेंद फ़ेकना आसान नहीं था। अगर आसान होता, तो आज इतने रन नहीं बनते।
सैमसन और किशन की बड़ी साझेदारी
ICC T20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड ने जब टॉस जीता, तो उसे पता था, कि उसे गेंदबाजी करनी है, क्योंकि यह ग्राउंड रन चेज के लिए जाना जाता है। बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरू में ही अभिषेक शर्मा का विकेट गवां दिया, लेकिन पिछले मैच के हीरो संजु सैमसन ने इस मैच में भी बल्लेबाजी में धमाल मचा दिया और दूसरे विकेट के लिए किशन के साथ 45 गेंदों में 97 रन की अहम साझेदारी की और भारत को इस मैच में मजबूत स्थिति में बनाए रखा। किशन ने 18 गेंदों में 39 रन बना डाले। किशन के बाद मैदान में उतरे शिवम दुबे ने भी बल्ला ज़ोर से चलाया और सैमसन के साथ 43 रन की साझेदारी की।
सैमसन फिर चमके
संजु सैमसन ने सेमीफ़ाइनल में भी टीम की नैया पार लगाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजु ने इस मैच में भी शानदार 42 गेंदों में 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 89 रन बनाए। शिवम दुबे ने अपनी 43 रन की पारी में चार छक्के जडे। आख़िरी में हार्दिक पांड्या (27) और तिलक वर्मा (21) ने भी हाथ चलाए और टीम का स्कोर 20 ओवर में 7 विकेट पर 253 पहुंचा दिया।
इंग्लैंड की गेंदबाजी
जब कोई टीम पर 20 ओवर में 253 रन बना दे, तो इस बात अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि दूसरी टीम की गेंदबाजी कैसी हुई होगी। इंग्लैंड की गेंदबाजी बहुत अच्छी नहीं रही। शुरू में विल जैक्स ने अभिषेक का विकेट निकाला ज़रूर, लेकिन संजु सैमसन का कैच छोड़ना इंग्लैंड को भारी पड़ गया, वो भी तब जब वो मात्र 15 रन पर खेल रहे थे। विल जैक्स ने 2, आदिल रशिद ने 2 और सबसे महंगे रहे जोफ़रा आर्चर ने 4 ओवर में 61 रन देकर 1 विकेट लिया।
भारत के लिए आसान नहीं था 253 रन डिफ़ेंड करना
253 रन को डिफ़ेंड कर पाना भारत जैसे टीम के लिए आसान नहीं था। भले ही भारत लगातार अंतराल पर इंग्लैंड के विकेट चटका रहे थे, लेकिन इंग्लैंड भी चुप रहने वालों में से नहीं थी। हर गेंद पर प्रहार और हर ओवर में औसत 12 रन बना रही थी।कह सकते हैं, कि इंग्लैंड की शुरुआत जैसी होनी चाहिए थी वैसी नहीं हो पाई और शुरू में ही सॉल्ट, ब्रूक और बटलर जैसे बड़े विकेट गवां दिए। इसके बावजूद टीम ने अंत तक हार नहीं मानी और मात्र 7 रन से चूक गए।
जेकब बेथेल इंग्लैंड के हीरो
इंग्लैंड की बल्लेबाजी के हीरो रहे जेकब बेथेल ने अकेले भारतीय गेंदबाजों का सामना केवल डटकर ही नहीं बल्कि छक्के व चौकों से बात की। उन्होंने 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 48 गेंदों में ही 105 रन बना डाले। एक समय ऐसा भी आया जब लगा, कि भारत के हाथ से यह सेमीफ़ाइनल निकल जाएगा, लेकिन बुमराह की सूझबूझ भरी गेंदबाजी ने भारत की इस मैच में वापसी कराई। बेथेल का भरपूर साथ दिया विल जैक्स (35) और सैम करन (18) ने और टीम को 254 के लक्ष्य तक पहुंचाने में पूरी कोशीश की, लेकिन आख़िरी ओवर में 30 रन बनाने थे, मगर टीम 3 छक्कों की मदद से 22 रन ही बना पाई और भारत यह मैच जीतकर इस विश्वकप के फ़ाइनल में पहुंच गई है, जहां उसका सामना न्यूज़ीलैंड से होगा।
अक्षर पटेल के कैच बने निर्णायक
इस मैच में अक्षर पटेल ने जिस तरह कैच पकड़े, उसने भी इस मैच को जीताने में बड़ी भूमिका अदा की। पहले ब्रूक जैसे ख़तरनाक बल्लेबाज का उल्टा दौड़ते हुए कैच लेना और उसके बाद विल जैक्स का बाउंड्री पर हवा में क़ूदकर कैच लेना आसान नहीं था।
भारत की गेंदबाजी चिंता का विषय
भारत की गेंदबाजी भी साधारण रही और उनके मुख्य गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती इस मैच में भी कुछ ख़ास नहीं कर पाए और अपने 4 ओवर में मात्र 1 विकेट लेकर 64 रन दे दिए। इसके अलावा अक्षर पटेल ने 3 ओवर में 35 रन देकर 1 विकेट लिया, पांड्या ने 2 और बुमराह ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 33 रन देकर 1 विकेट लिया। इसके अलावा अर्शदीप ने 4 ओवर में 51 रन दे डाले और 1 विकेट ही ले पाए।
इस विश्वकप में भारत भले ही फ़ाइनल में प्रवेश कर गया है, लेकिन टीम के लिए गेंदबाजी अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है और फ़ाइनल में इसे सुधारना ही होगा, नहीं तो यह महंगा पड़ सकता है।



