- पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना सहानी को मारा थप्पड़
- गोरखपुर में सपा ने आयाजित की थी प्रेस वार्ता
उत्तर प्रदेश में इस समय गर्मा-गर्मी का माहौल है, क्योंकि अगले वर्ष 2027 में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। सभी पार्टियां पूरे जोर-शोर से चुनाव की तैयारियों में लगी हुई हैं। इसी बीच गोरखपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए अच्छी ख़बर नहीं है। गोरखपुर से सपा की प्रेस वार्ता के बीच मारपीट की घटना सामने आई, जिसके बाद सपा के अंदर कलह पैदा हो गया है, जो चुनाव को देखते हुए सही नहीं है। नगीना सहानी ने आरोप लगाया है, कि अंशुमान सिंह और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की और अवैध पिस्तौल निकालकर धमकी भी दी।
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अखिलेश यादव का बड़ा एक्शन
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के आयोजन के दौरान हुई मारपीट के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। अखिलेश यादव ने गोरखपुर की पूरी ज़िला और महानगर कार्यकारिणी भंग कर दी है। साथ ही ज़िला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को भी पद से हटा दिया है। सपा की सभी विंग और फ्रंट संगठनों के पदाधिकारियों को भी हटा दिया है। पार्टी की ओर से गोरखपुर में संगठन में व्यापक बदलाव का फैसला लिया गया है।
कुर्सी पर बैठने के लिए विवाद
गोरखपुर प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ हुए विवाद और मारपीट का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। दरअसल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के संंदेश को मीडिया के समक्ष रखने के लिए सपा के ज़िलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। बताया जा रहा है, कि इसी दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी और टिकट की दावेदारी पेश कर रहे अंशुमान सिंह के बीच वहां कुर्सी पर बैठने के लिए विवाद हो गया और अंशुमान सिंह के साथ आए समर्थकों ने राम नगीना साहनी काे थप्पड़ मारा, मारपीट की और गाली भी दी।
संजय निषाद ने की कार्रवाई की मांग
इस दौरान कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कार्रवाई की मांग की। संजय निषाद ने कहा, कि राम नगीना साहनी लंबे समय से समाजवादी पार्टी के लिए काम करते रहे हैं और थप्पड़ व मारपीट की घटना के बाद निषाद समाज स्तब्ध है। संजय निषाद ने कथित मारपीट के लिए ज़िम्मेदार नेताओं के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कराने और पार्टी स्तर पर कार्रवाई की मांग भी की। साथ ही संजय निषाद ने निषाद समाज के नेताओं से इस मामले में आवाज़ उठाने की अपील की।






