- क़रीब 3 घंटे होती रही आफ़त की बारिश
- दुकान से घरों तक भरा पानी
गोरखपुर में शुक्रवार शाम मूसलाधार बारिश शहरवासियों के लिए आफ़त बन गई। गोरखपुर शहर से लेकर देहात तक जनजीवन प्रभावित रहा। शहर में क़रीब तीन घंटे लगातार बारिश हुई और इस दौरान 70 से 80 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे भारी मात्रा में जलभराव हुआ। सड़के ऐसी डूबी, कि लोगों चलना मुश्ल हो गया। दो पहिया से लेकर चार पहिया तक डूबे दिखाई दिए। बारिश इतनी तेज़ थी, कि कई जगह के अंडरपास पानी से डूब गए, जिसे पार करना किसी खतरे से कम नहीं था।
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बारिश में पेड़ बने काल
तेज़ बारिश और हवाओं के बीच कई पेड़ भी गिर गए, जिससे आवागमन बंद हो गया। पेड़ गिरने से 2 घटनाओं में 4 लोगों की मौत भी हो गई। साथ ही कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर द्वितीया गांव में मड़ई पर पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और 2 लोग घायल हो गए। इसके अलावा गगहा थाना क्षेत्र के सिहोर चौराहे पर पेड़ गिरने से बाइक सवार 1 व्यक्ति की मौत हो गई। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि यह बारिश के रूप में कहर बन कर आई।
सड़कें हुई ख़राब, जगह-जगह गढ्ढे बने
पानी घटने के बाद शहर की सड़कें पूरी तरह ख़राब हो गई हैं। जगह-जगह गढ्ढे बन गए हैं। सड़कों की गिट्टियां उखड़ गई हैं, जिसपर तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाना खतरे में डालने जैसा है। शहर की सभी सड़कों पर प्रशासन को दोबारा से काम करना होगा। उधर कई बिजली उपकेंद्रो में भी पानी भर गया था, जिसके चलते बिजली काटनी पड़ी। बारिश के बाद राप्ती का जल स्तर चेतावनी के निशान से ऊपर आ गया है, इससे आसपास के इलाक़े में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।
मृतकों के परिजनों मिलेंगे
बारिश के दौरान कई जगह बिजली के पोल भी गिर गए, जिसके बााद प्रशासन ने राहत और बचाव टीमें मौक़े पर भेजकर, रास्तों से मलबा हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू किया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा, कि कैंपियरगंज हादसे में मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा के तहत चार-चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।




