- कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन
- क़रीब 5 लाख रोजगार का अवसर
कामयाबी की सीढ़ी चढ़ता उत्तर प्रदेश
आज उत्तर प्रदेश जिस तरह से कामयबी की नई-नई सीढ़ियां चढ़ रहा है, उसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है, कि यूपी आज जापान और सिंगापुर से बड़े-बड़े समझौते कर रहा है और यही नहीं वहां की बड़ी-बड़ी कंपनियां भी उत्तर प्रदेश में निवेश करेंगी। यह उत्तर प्रदेश की बढ़ती ताक़त को बयां करता है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री द्वारा दो बड़े उद्घाटन किए गए थे। पहला ‘मेड-इन-इंडिया’ सेमीकंडक्टर यूनिट और दूसरा नमो भारत रैपिड रेल व मेरठ मैट्रो का उद्घाटन। इसने बता दिया, कि आज का उत्तर प्रदेश पिछड़ा हुआ नहीं, बल्कि विकसित भारत की पहचान बनते जा रहा है।

आशावादी मुख्यमंत्री के रूप में उभरे योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते योगी आदित्यनाथ के लिए जापान और सिंगापुर का चार दिवसीय दौरा बहुत कुछ कहता है। यह दौरा ना सिर्फ़ उनके व्यक्तित्व को बयां करता है, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को लेकर चलने वाले आशावादी मुख्यमंत्री की छवि के रूप में देखा जा सकता है। इस चार दिवसीय दौरे में उत्तर प्रदेश को बहुत कुछ मिला है।

जापान से हुआ समझौता ज्ञापन
जापान के दो दिवसीय दौरे पर गए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जापानीज़ कंपनीज़ से 90 हज़ार करोड़ का समझौता किया गया। इसमें कृषि उपकरण, औद्योगिक मशीनरी, जल व पर्यावरन, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और प्रिंटिंग जैसी बड़ी कंपनीयों के साथ सझौता ज्ञापन पेश किया गया है। इसके अलावा जापान की कंपनी उत्तर प्रदेश में क़रीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश भी करेंगी। योगी आदित्यनाथ ने जापान के टोक्यो शहर में वहां के निवेशकों को उत्तर प्रदेश में आमंत्रित करने के लिए एक रोडशो को संबोधित भी किया, जिससे कि वहां की बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश कर वहां अवसर पैदा कर सकें। इससे भारत और जापान के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

योगी आदित्यनाथ की मैग्नेटिक ट्रेन की यात्रा
इस दौरे की सबसे ख़ास बात यह रही, कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के ‘स्टेट ऑफ़ आर्ट्स मैग्नेटिक लेविएशन’ (SC Maglev) ट्रेन में यात्रा की, जो पूरे देश में सुर्खियों में भी छाया रहा था। यह एक हाई-स्पीड मैग्नेटिक लेविशन ट्रेन है, जिसे सेंट्रल जापान रेलवे कंपनी ने तैयार किया है। इसकी अधिकतम स्पीड क़रीब 600 किमी प्रति घंटा है। हो सकता है, कि यह ट्रेन कभी उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी देखने को मिले।

क्या हुआ सिंगापुर में?
जापान के बाद सिंगापुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने सिंगापुर की कंपनियों से 60 हज़ार करोड़ का समझौता किया और 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला है। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजन के लिए स्किल डवलपमेंट, व्यावसायिक प्रशिक्षण और तक़नीकी शिक्षा शामिल हैं। कुल मिलाकर इच चार दिवसीय दौरे में 1.5 लाख करोड़ का समझौता ज्ञापन और 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को मिला है, जो उत्तर प्रदेश की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है। इस दौरे से माना जा रहा है, कि उत्तर प्रदेश में क़रीब 5 लाख रोजगार उत्पन्न होंगे।

योगी आदित्यनाथ का बयान
योगी आदित्यनाथ ने कहा, कि जापान उगते सूरज की धरती है और उत्तर प्रदेश भगवान राम और मुख्य बौद्ध स्थलों की धरती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रामायण व बौद्ध सर्किट का तैयार किए जा रहे हैं।
तस्वीर का स्त्रोत: सूचना विभाग उत्तर प्रदेश
नमो भारत की तस्वीर: PIB India



