- युद्ध की शुरुआत में सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत अमेरिका-इज़रायल की बड़ी उपलब्धि
- हमले में मारी गई स्कूली छात्राएं
पश्चिम एशिया में इस समय मिसाइलों की गुंज
अमेरिका ने ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी के तहत हमला किया, वहीं इज़रायल ने ईरान से हो रहे युद्ध को ऑपरेशन रोरिंग लॉयन का नाम दिया है।
इन दिनों जिसकी चर्चा सबसे ज़्यादा है, वो है इज़रायल-अमेरिका-ईरान में महासंग्राम। इज़रायल व अमेरिका ने मिलकर इज़रायल पर हमला बोल दिया है। पूरे पश्चिम एशिया में इस समय मिसाइलों की गुंज सुनाई दे रही है। अमेरिका जहां ईरान पर बम पे बम बरसा रहा है, वहीं ईरान भी पीछे हटने का नाम नहीं ले रही है। इस युद्ध ने पश्चिम एशिया में अब महाविनाश का रूप धारण कर लिया है।

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू और अमेरिका इस हमले को सही बता रहे हैं, वहीं रूस, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों ने इस हमले को ग़लत क़रार दिया है। ऐसे में भारत ने अपना पक्ष जाहिर करते हुए यही बताया है, कि वो युद्ध नहीं चाहता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस युद्ध पर नज़र रखे हुए हैं और बातचीत का सिलसिला जारी है।

ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या
युद्ध के पहले दिन ही इंजरायल और अमेरिका ने सुबह के समय मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर दिए और इस हमले में उनके सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई। इंजरायल और अमेरिका ने अयातुल्लाह खामेनेई के आवास से लेकर ईरान के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ राष्ट्रपति भवन में हमले दागे। इस ज़बरदस्त हमले में ना सिर्फ़ सुप्रीम लीडर की मौत हुई, बल्कि खामनेई का बेटा, बहु, दामद और पोते की भी मौत हो गई। इसके अलावा ईरान के सेना प्रमुख अब्दोलरहीम मुसावी की भी इस हमले में मारे गए।
ईरान का जवाबी हमला
इज़रायल और अमेरिका मिलकर ईरान पर मिसाइलें दाग़ रहे हैं। सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत के बाद पूरे ईरान में दुख का माहौल है और गुस्सा भी है। इतनी बड़ी घटना के बाद ईरान भी कहां चुप रहने वाला था, उसने भी ज़ॉर्डन, बहरीन, यूएई, साउदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और इज़रायल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर दिए। इज़रायल के तेल अवीव और शेमेश शहर में ईरान ने कई धमाके किए। हालाकिं ईरान ने यह भी दावा किया है, कि उसने अमेरिका युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं, यही नहीं ईरान ने अमेरिका तेल टैंकरो को भी निशाना बनाया है।

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर ईरान का हमला
यह युद्ध अब महासंग्राम में बदलता जा रहा है, जिससे पूरी दुनिया प्रभावित होगी और अर्थव्यवस्था भी चरमरा सकती है। ख़तरे को देखते हुए, पश्चिम एशिया के सभी हवाई यात्राएं बंद कर दिए गए हैं। ईरान ने पश्चिम एशिया की सबसे प्रमुख जलसंधि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर भी मिसाइल से अटैक किया है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ ईरान के दक्षिण में फ़ारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को बांटता है। यह तेल निर्यात को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है। क़तर, ईराक़ और ईरान का तेल यहीं से निर्यात किए जाते हैं। भारत के नज़रिए से यह समुद्री रास्ता तेल आयात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ईरान ने इसी रास्ते पर हमला कर कर दिया है, जिससे तेल का संकट पैदा हो सकता है।
स्कूली छात्राओं की मौत
यह बेहद शर्मिंदा करने वाली ख़बर थी, कि ईरान के मीनाब शहर के एक स्कूल में बम गिरने से छोटी-छोटी छात्राओं की मौत हो गई। जहां यह बम गिरा वहां मरने वालों की संक्ष्या क़रीब 150 से ऊपर बताई जा रही है। इन बेकसूर बच्चियों की जान इस महासंग्राम ने ले ली है। इससे पता चलता है, कि युद्ध कभी भी सही नहीं होता। युद्ध ने हमेंश मानवता का ख़ून बहाने का काम किया है।

ईरान की राजधानी तेहरान पर लगातार हमले
अमेरिका-इज़रायल मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर लगातार मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। ऐसे में वहां लोगों की जान का ख़तरा बना हुआ है। सरकार ने वहां के नागरिकों को दूसरे स्थान पर जाने की सलाह दी है। साथ ही ईरान ने कहा है, कि हम लंबे समय तक युद्ध करने के लिए तैयार हैं। इससे साफ़ जाहिर होता है, कि ईरान के पास हथियारों का भंडार जमा है, लेकिन इज़रायल और अमेरिका ने वहां के आतंक को ख़त्म करने की ठान ली है।
Photo: Us Department of war,
Khamenei Photo: Wikimedia Common
Photo: Israel Defense Force



