- पूरे विश्व ने देखी भारत की ताक़त
- सिंदूर फ़ॉर्मेशन से गौरवान्वित हुआ देश
2026 का गणतंत्र दिवस भारत के लिए कई मायनों में काफ़ी ख़ास रहा, लेकिन जिस चीज़ की सबसे ज़्यादा चर्चा रही, वो है परेड में दिखाए गए ‘मेड-इन-इंडिया’ हथियार। किसी ज़माने में भारत को पिछड़ा देश माना जाता था, लेकिन समय का चक्र ऐसा घूमा, कि आज बड़े-बड़े देश भारत के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण यूरोप के 27 देशों के साथ हुआ फ्री-ट्रेड-एग्रीमेंट है।
भारत ने गणतंत्र दिवस पर बता दिया, कि उसने विकसित भारत का लक्ष्य यूंही नहीं रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक उथल-पुथल को देखते हुए पिछले कई वर्षों से ‘वोकल-फ़ॉर-लोकल’ का नारा देते आए हैं। इस नारे की ताक़त इस गणतंत्र दिवस में देखने को मिली, जहां कर्तव्य पथ पर भारत द्वारा निर्मित हथियार देखने को मिला, जिससे पूरे विश्व ने भारत की ताक़त को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

इन हथियारों में रूद्र हेलिकॉप्टर, नाग मिसाइल सिस्टम, T-90 भीष्म टैंक, सूर्यास्त यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्च, आकाश मिसाइल सिस्टम, अभ्र मिसाइल सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल और अर्जुन MK1 टैंक जैसे ‘मेड-इन-इंडिया’ हथियार शामिल थे। इसके अलावा ध्रूव हेलिकॉप्टर ने भी सबको आकर्षित किया। ध्रूव एक एड्वांस लाइट हेलिकॉप्टर है, जिसका उपयोग तीनों सेनाओं द्वारा किया जाता है। यह ज़्यादा ऊंचाई और रेगिस्तान जैसे इलाक़ों में काफ़ी उपयोगी है।
इस गणतंत्र दिवस पर फ़्लाईपास्ट के दौरान वायूसेना द्वारा कई फ़ॉर्मेंशन देखने को भी मिले। इसमें वरूण, वज्रांग, प्रहार, अर्जन और ध्वज फ़ॉर्मेशन आकाश में बनाए गए। इन फ़ॉर्मेशन में सुखोई, जैगुआर, राफ़ेल, C130 और 30MKI जैसे विमानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा परेड में विमानों के सिंदूर फ़ॉर्मेशन ने ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाई और बताया, कि किस बहादूरी से ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था और आतंकवाद के ठिकानों को उखाड़ फेका था।
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