- मरणोपरांत अभिनेता धमेंद्र को मिला पद्म विभूषण सम्मान
- ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गृह मंत्रालय ने 2026 पद्म पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा कर दी है। इनमें पद्म श्री, पद्म विभूषण और पद्म भूषण जैसे भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार शामिल हैं। 131 पद्म विजेताओं में 113 को पद्म श्री, 5 को पद्म विभूषण और 13 को पद्म भूषण से नवाज़ा गया है। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। साथ ही क्रिकेटर रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री पुरस्कार मिला है।
किनको मिला पद्म विभूषण
अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत), एन राजमा, पी नारायणन, वी एस अच्युतानंदन नंदन (मरणोपरांत) और के टी थॉमस को पद्म विभूषण मिला है।
किसे मिला पद्म भूषण का सम्मान
गायिका अल्का याग्निक, पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, अभिनेता ममूटी, कल्ली पट्टी रामासामी, डॉ दत्तात्रेयुडु, पीयुष पांडे (मरणोपरांत), एस के एम मैदलानंदन, शतावधानी आर गणेश, झारखंड के पूर्व सीएम शिबु सोरेन, उदय कोटक, वीके मल्होत्रा (मरणोपरांत), वेल्लापल्ली नटेशन और टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को पद्म भूषण को सम्मानित किया गया है।
113 व्यक्तियों को मिला पद्म श्री
इसमें क्रिकेट खिलाड़ी रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर और अभिनेता सतीश शाह (मरणोपरांत) व आर माधवन के अलावा एई मुथुनायगम, अनिल कुमार रस्तोगी, अंके गौड़ा एम, अर्मिंडा फ़र्नांडिस, अरविंद वैद्य, अशोक खाड़े, अशोक कुमार सिंह, अशोक कुमार हालदार, बलदेव सिंह, भगवानदास रायकरवार, भारत सिंह भारती, भिकल्या लडक्या धिंडा, बिश्व बंधू (मरणोपरांत), बृज लाल भट्ट, बुद्धा रश्मि मणी, डॉ बुधरी टाटी, चंद्रमौली गुड्डामानुगु, चरण हेम्ब्रम, चिरंजी लाल यादव, दीपिका रेड्डी, धार्मिकलाल चुनिलाल पांड्या, गड्डे बाबू राजेंद्र प्रसाद, गफ़रुद्दीन मेवाजी जोगी, गंभीर सिंह योंजोन, गरिमेल्ला बालकृष्ण प्रसाद (मरणोपरांत), गायत्री बालसुब्रमणियन व रंजनी बालसुब्रमणियन को संयुक्त रूप से, गोपाल जी त्रिवेदी, गुडूरु वेंकेट राव, एचवी हांडे, हाली वार, हरि माधव मुखोपाध्याय (मरणोपरांत), हरिचरण सैकिया, इंद्रजीत सिंह सिद्धू, जनार्दन बापुराव बोथे, जोगेश देउरी, जुज़र वासी, ज्योतिष देबनाथ, के पाजनीवेल, के रामास्वामी, के विजय कुमार, कबिंद्र पुरकायस्थ (मरणोपरांत), कैलाश चंद्र पंत, कलामंडलम विमला मेनन, केवल कृष्ण ठाकुराल, खेम राज सुंद्रियाल, कोलकल्ल देवकी अम्मा जी, कृष्णमूर्ति बालसुब्रमणियन, कुमार बोस, कुमारस्वामी थंगराज, प्रो (डॉ) लार्स- क्रिसचियन कोख, ल्यूडमिला विक्टोरोवना खोखलोवा, मंगती मुरली मोहन, महेंद्र कुमार मिश्रा, महेंद्रनाथ रॉय, ममिडाला जगदीश कुमार, मंगला कपूर, मीर हाजीभाई कासमभाई, मोहन नागर, नारायण व्यास, नरेंद्र चंद्र देव वर्मा, निलेश चंद्र देव वर्मा, निलेश विनोदचंद्र मंडेलवाला, नूरुद्दीन अहमद, ओथुवार तिरुथानी स्वामीनाथन, डॉ पद्मा गुरमेट, पालकोंडा विजय आनंद रेड्डी, पोखिला लेकथेपी, डॉ प्रभाकर बसवप्रभू कोरे, प्रतीक शर्मा, प्रवीन कुमार, प्रेम लाल गौतम, प्रोसेनजीत चटर्जी, डॉ पुन्नियामूर्ति नटेशन, आर कृष्णन (मरणोपरांत), आर वी एस मणि, रबी लाल टुडू, रघुपत सिंह (मरणोपरांत), रघुवीर तुकाराम खेड़कर, राजस्थप्ति कलियप्पागौंडर, राजेंद्र प्रसाद, रामा रेड्डी ममिडी (मरणोपरांत), राममूर्ति श्रीधर, रामचंद्र गोडबोले व सुनिता गोडबोले को संयुक्त रूप से, रतीलाल बोरीसागर, एस जी सुषीलम्मा, संबयुसांग एस पोंगेनर, संत निरंजन दास, शरत कुमार पात्र, सरोज मंडल, सत्यनारायण नुवाल, सविता पुनिया, प्रो शफ़ी शौक, शशि शेखर वेम्पति, श्री रंग देवाबा लाड, शुभा वेंकटेश आयंगर, श्याम सुंदर, सिमांचल पात्र, सिवसंकरी, डॉ हनगावड़ी, स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज, टी टी जगनाथन (मरणोपरांत), टगा राम भील, तरुण भट्टाचार्य, टेची गुबिन, थिरुवारूर भक्तवत्सलम, तृप्ति मुखर्जी, वेझिनाथम कामकोटी, वेम्पटी कुटुम्ब शास्त्री, व्लादिमेर मेस्त्विरीश्विली (मरणोपरांत) और युमनाम जात्रा सिंह (मरणोपरांत) को पद्म श्री पुरस्कार मिला है।
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