- किसान और युवाओं को मिलेगा फ़ायदा, रोजग़ार के मिलेंगे नए अवसर
- कुछ वस्तुओं का शुल्क हो जाएगा कम या शून्य
भारत और अमेरिका के बीच आख़िरकार सबसे बड़े समझौते को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। वो कहते हैं ना ‘इंतज़ार का फल मीठा होता है’, इस डील से साबित कर दिया है। अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। दोनों के बीच के समझौते की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है और माना जा रहा है, कि अगले माह तक समझौते पर दोनों देश हस्ताक्षर करेंगे।

रूसी तेल ख़रीद से हटाया गया अतिरिक्त शुल्क
अमेरिका का रवैया भारत के प्रति पिछले कुछ महीनों से ठीक नहीं था और भारत पर 25 प्रतिशत का टैरिफ़ तो लगा ही था, यही नहीं अमेरिका को भारत का रूसी तेल ख़रीदना भी रास नहीं ना रहा था और इसके लिए डॉनल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया था, यानी कुल मिलाकर भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ़ लगा हुआ था। इस समझौते के बाद अमेरिका ने भारत से 25 प्रतिशत के शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है और रूसी तेल के लिए लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को ख़त्म कर दिया है। बाक़ि देशों की तुलना में भारत पर सबसे कम ट्रैरिफ़ अमेरिका ने लगाया है।

किसानों और छोटे उद्योग के हित में भारत
सरकार ने किसानों, डेयरी और छोटे उद्यमियों का पूरा ख़्याल रखते हुए, उन्हें इस समझौते से दूर रखा है, ताक़ि उनका नुक़सान ना हो, क्योंकि ये हमारी अर्थव्यवस्था के नींव है। अब भारत द्वारा अमेरिका को किए जाने वाले 44 अरब डॉलर तक के निर्यात पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा, वहीं भारत ने अमेरिका से अगले 5 साल में 500 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य रखा है। दोनों के बीच रिश्तों में खटास के चलते भारत दूसरे विकल्प तलाश रहा था, जिसमें हाली में यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के साथ हुई डील इस मामले में काफ़ी ख़ास है। इस डील के बाद ही अमेरिका की नरमी भारत के प्रति साफ़ देखी जा सकती है।

इन चीज़ो को रखा गया है समझौते से दूर
कृषि उत्पाद और डेयरी उत्पाद को इससे दूर रखा गया है। इसमें चाचल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, चना, मटर, मूंग, कोदो, रागी, चौलाई, मूंगफली, केला, पोल्ट्री, मांस, शहद, तंबाकू, काबूली चना और जीएम खाद्य जैसे उत्पादों को सुरक्षित रखा गया है। इस पर भारत शुल्क लगाता रहेगा।
किन वस्तुओं पर शून्य शुल्क
जेम्स और ज्वेलरी, स्मार्टफोन, चाय, कॉफ़ी, नारियल, एयरक्राफ़्ट के पार्ट्स, मसाले, जेनरिक दवाएं, आम, अनानास, मशरूम, जैम, बेकरी, सिल्क, घड़ी, चेस्टनट, ऐवोकाडो फल, काजू, बादाम, पिस्ता जैसी वस्जुओं पर कम या शून्य शूल्क लगाया जाएगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा फ़ायदा?
इससे भारत के एमसएमई,महिलोओं और युवाओं को काफ़ी फ़ायदा होने वाला है। साथ ही हमारे किसानों द्वारा तैयार किए गए सभी वस्तुओं को अमेरिका बाज़ार में अच्छे दाम मिलेंगे। इसके अलावा टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल्स, खिलौना उद्योग और चमड़ा व फ़ुटवियर जैसे उद्योग के लिए यह डील काफ़ी फायदेमंद होगा।

अभी बाक़ी है आशंका
अमेरिका ने भारत का रूस से तेल ख़रीदने पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त श़ुल्क को तो माफ़ कर दिया है, लेकिन अभी इस बात का असमंजस बना हुआ है, कि अगर भारत रूस से तेल लेना जारी रखता है, तो उस दौरन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का रुख क्या होगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से इस बात की चर्चा करने पर उन्होंने कहा, कि इस जानकारी विदेश मंत्रालय ही दे पाएगा। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान आया था, कि भारत जल्द ही वेनेजुएला से तेल ख़रीदेगा। भारत पहले भी वेनेजुएला से तेल ख़रीदता आया है, तो इसमें कोई नई बात नहीं है।
क्या कहा प्रधानमंत्री ने?
इस समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि अंतरिम समझौता बताता है, कि आज दुनिया में ‘मेक-इन-इंडिया’ कितनी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। इस समझौते के लिए दोनों देशों के लिए खुशख़बरी बताते हुए उन्होंने कहा, कि, इसे हमारे किसानों के लिए काफ़र फ़ायदेमंद साबित होगा। इससे युवाओं के लिए रोजग़ार के नए अवसर पैदा होंगे।
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