- श्रीलंका लक्ष्य से 5 रन दूर रह गया
- साहिबज़ादा फ़रहान ने बनाया शतक
रोमांच अपने चरम पर था
ऐसे मैच बहुत कम होते हैं, जो सबकी धड़कनों को थाम दे और रोमांच अपनी चरम पर हो। ऐसा ही एक मैच इस विश्वकप में हुआ था अफ़गानिस्तान बनाम दक्षिण अफ्रीका, जहां रोमांच अपनी सीमा से ऊपर पहुंच गया था। श्रीलंका बनाम पाकिस्तान का मुक़ाबला भी कुछ ऐसा ही रहा। आख़िरी 6 गेंदों पर श्रीलंका को 28 रन बनाने थे, लेकिन कप्तान शनाका की ख़तरनाक बल्लेबाजी से पाकिस्तान को लगा, कि अब मैच हाथ से निकल गया। पाकिस्तान की क़िस्मत अच्छी थी, कि अंतिम 2 गेंदों में रन नहीं बने और पाकिस्तान 5 रन से जीत गया।
पाकिस्तान पहले विकेट के लिए जोड़े 176 रन
श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फ़ैसला लिया, लेकिन अपने फ़ैसले पर खरी नहीं उतर पाई श्रीलंकाई टीम। पाकिस्तान को सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए यह मैच किसी भी हालत में अच्छे रन-रेट से जीतना ही था। इसी सोच के साथ बैटिंग करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत ज़बरदस्त रही। सलामी बल्लेबाज साहिबज़ादा फ़रहान और फ़ख़र ज़मान ने मैदान में चौकों और छक्कों की बारिश कर दी। पहले विकेट के लिए दोनों ने रिकॉर्ड 176 रन की साझेदारी की। फ़ख़र ज़मान ने आउट होने से पहले 42 गेंदों में 9 चौकों व 4 छक्कों की मदद से 84 रन बनाए, वहीं फ़रहान ने 60 गेंदों में 9 चौकों व 5 छक्कों की मदद से शतक ठोक डाला। दोनों की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत पाकिस्तान 20 ओवर में 8 विकेट पर 212 रन बना पाया। हालांकि यह स्कोर और भी बड़ा हो सकता था, लेकिन पाकिस्तान के बाक़ी विकेट सस्ते में चले गए।
श्रीलंका की गेंदबाजी बहुत अच्छी नहीं रही और क़रीब 16 ओवर तक उन्हें कोई विकेट ही नहीं मिल पाया। आख़िरी के 4 ओवर में पाकिस्तान के 8 विकेट गिर गए। मधुशंका ने अच्छी गेंदबाजी की और 3 विकेट लिए, वहीं शनाका ने 2 विकेट चटकाए।

147 रन पर रोकना था श्रीलंका को
213 जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका भी पूरे आत्मविश्वास में थी, कि उसे हर हाल में यह मैच जीतना है। दुसरी तरफ़ पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौति यह थी, कि सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए उन्हें श्रीलंका को 147 या उससे कम स्कोर पर रोकना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। श्रीलंका ने अच्छी बल्लेबाजा करते हुए 20 ओवर में 207 रन बनाए। कमिल मिशारा ने 26 और असलंका ने 25 के अलावा रथनाएके ने शानदार 58 रन बनाकर 147 का लक्ष्य तो पर ही किया, वहीं श्रीलंका की जीत की उम्मीद क़ायम रखी। श्रीलंका बल्लेबाजी में हीरो रहे कप्तान दसुन शनााका ने 31 गेंदों में 8 छक्कों की मदद से तुफ़ानी 76 रन बनाए और पाकिस्तान टीम की खटिया खड़ी कर दी थी, लेकिन पाकिस्तान 5 रन से जीत गई।
पाकिस्तान की गेंदबाजी भी अच्छी नहीं रही। अबरार अहमद को सबसे ज़्यादा 3 विकेट मिले, वहीं अफ़रीदी, नशीम शाह और नवाज़ को 1-1 विकेट मिले।

आख़िरी ओवर का रोमांच अपनी चरम पर था
आख़िरी ओवर में श्रीलंका को 28 रन बनाने थे और गेंद अफ़रीदी डाल रहे थे। एक समय लगा, कि पाकिस्तान आसानी से मैच जीत जाएगा, लेकिन उल्टा पाकिस्तान के हारने की नौबत आ गई थी। पहली गेंद पर शनाका ने चौका जड़ दिया। अब 5 गेंदों पर 24 रन बनाने थे, लेकिल शनाका के मन में कुछ औश्र ही चल रहा था। उन्होंने दूसरी, तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार 3 छक्के लगाकर मैच में जान फ़ूंक दी और यहां से लगा, कि श्रीलंका चमत्कार कर देगा, लेकिन आख़िरी दो गेंदों में रन नहीं बन पाया और श्रीलंका मात्र 5 रन से चूक गई।
भारत और वेस्टइंडीज़ का मैच बना क्वॉर्टर फ़ाइनल
इस मैच के साथ ही पाकिस्तान और श्रीलंका का विश्वकप सफ़र यहीं समाप्त हुआ। रन-रेट अच्छा होने की वजह से न्यूज़ीलैंड सेमीफ़ाइनल में पहुंच गई है। इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका ये तीनों टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुंच गई हैं। अब भारत और वेस्टइंडीज़ में से जो जीतेगा उसे सेमीफ़ाइनल का टिकट मिलेगा। भारत के लिए वेस्टइंडीज़ को हराना एक चुनौती है। दोनों के पास 2-2 अंक हैं और दोनों टीमें अपना मैच दक्षिण अफ्रीका से हार गई थी। भारत और वेस्टइंडीज़ का मैच अब क्वॉर्टर फ़ाइनल बन गया है।



