वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार बजट पेश किया
वित्तमंत्री ने कहा, कि हम बहुत तेज़ी से एक बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहें है। हमारी सरकार का संकल्प है, कि वंचितों को हर सुविधा से जोड़ा जा सके। हमारी सरकार चाहती है, कि हमारे देश के ग़रीबों को फ़ायदा मिले। रोजगार की बात करते हुए कहा, कि हमारा ध्यान देश के युवाओं पर है, जिससे रोजगार में बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने पर ज़ोर दिया। इस बजट में युवा, किसान और महिलाओं पर ध्यान दिया गया है।
वित्तमंत्री ने कहा, कि पिछले 12 सालों में जबसे हमारी सरकार ने कमान सम्भाली है, देश का आर्थिक, वित्तीय अनुशासन के अलावा मंहगाई नियंत्रित रही है और देश लगाता विकास की ओर बढ़ रही है।
वित्त मंंत्री ने कहा, कि सरकार का हमेंशा से यही मक़सद रहा है, कि सरकार का हर लाभ आम जनता तक पहुंचे। चाहे रोज़गार हो, कृषि हो, घरेलू क्रय हो सभी क्षेत्र में सुधार किए गए। इससे क़रीब 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल हुई, जिससे ग़रीबी को दूर कर लोगों के जीवन में सुधाार लाने में मदद मिली।
वित्त मंत्री ने देश की जनता को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में शामिल होने के लिए धन्यवाद किया। हम चाहते हैं, कि विकास का लाभ किसानों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, युवाओं, महिलाओं और ग़रीबों को मिले। सीता रमण ने कहा, कि हमने हमेंशा सुधारों पर ध्यान केंंद्रित किया है, जिससे भारत विश्व में संकट के बावज़ूद 7.2 प्रतिशत की जीडीपी हासिल कर पाया है।
बजट में 10 हज़ार करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फ़ंड रहने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा टेक्सटाइल को भी बूस्ट किया जाएगा।
5 लाख से अधिक आबादी वाले में इन्फ्रा बूस्ट करेगी। सेमीकंडक्टर 2.0 शुरुआत करने जा रहे हैं। रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर पर फ़ोकस किया जा रहा है, ताक़ि तकनीक के आधार पर सही कुशल वर्कफ़ोर्स तैयार किया जा सके।
बायो-फ़ार्मा सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान किए गए हैंं। इस योजना को बायो-फ़ार्मा-शक्ति का नाम दिया गया है। इसके लिए 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
वित्तमंत्री ने बजट 6 सेक्टर पर फ़ोकस किया है। यह सेक्टर हैं- 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्यूफ़ैक्चरिंग का विस्तार, विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प, चैंपियन एमएसएमईज़ का निर्माण, इन्फ्रास्ट्र्र्र्रक्चर को बढ़ावा, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा व स्थायित्व सुनश्चित करना और अवसंरचना को सशक्त बनाना ।

7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
- दिल्ली-वाराणसी
- वाराणसी-सिलीगुड़ी
- पूणे-हैदराबाद
- हैदराबाद-बैगलुरु
- हैदराबाद-चेन्नई
- चेन्नई-बैंगलुरु
- मुंबई-पूणे
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है। साथ ही 5 वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए 20 हज़ार करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है।
वित्तमंत्री ने कहा, कि यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है। साथ ही उन्होंने बजट में तीन कर्तव्य का ज़िक्र करते हुए कहा, कि हमारा पहला कर्तव्य उत्पादकता व प्रतिस्पर्धा को बढ़ाते हुए आर्थिक विकास को तेज़ व सतत् बनाना दूसरा लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं पर निर्माण करना। तीसरा सबका साथ- सबका विकास।
आत्मनिर्भर भारत निधी में 2000 करोड़ रुपये का टॉप-अप दिया गया। साथ ही एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये की विकास निधि का प्रस्ताव रखा।
जेम को ट्रेड्स से जोड़ने की बात कही गइ है। ट्रेड्स के साथ एमएसएमई को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इसके ज़रिए ट्रेड्स को लेन-देन प्लेटफ़ाॅर्म के रूप उपयोग करना और ट्रेड्स प्लेटफ़ार्म के माध्यम से बीजक छूट के लिए सीजीटीएमएसई के माध्यम से ऋण गारंटी की सहायता दी जाने की बात कही गई है।
सेमीकंडक्टर 2.0 के शुभारंंभ की बजट में चर्चा हुई है। इसके अंतर्गत उपकरण व सामग्रियों के उत्पादन, भारतीय आईपी डिज़ाइन और सप्लाई को मज़बूत करना है। इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण का परिव्यय बढ़कर 40,000 रुपये हो गया है।
सीतारमण ने बजट में अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये परिव्यय के साथ बायोफ़ार्मा शक्ति का प्रस्ताव रखा। इससे जैविक तथा जैव संबद्ध के घरेलू उत्पादन हेतु पररिवेश का निर्माण होगा। साथ ही केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को सुदृढ बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
खनिज कॉरिडोर के अंतर्गत ओडिशा, केरल, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु खनिज कॉरिडोर की स्थापना। कंटेनर विनिर्माण योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया। 3 समर्पित रासायनिक पार्कों की स्थापना की जाएगी।
2 स्थानों पर हाई-टेक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। उच्च-मूल्य और तकनीकी रूप से उन्नत निर्माण व अवसंरचना उपकरण (सीआईई) के घरेलू उत्पादन के लिए योजना का आरंभ किया जाएगा। साथ ही कंटेनर निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फ़ाइबर, मानव निर्मित फ़ाइबर और नए युग के फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, बुनकरों व कारिगरों की सहायता के लिए हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम, वस्त्र और परिधानों को बढ़ावा देने के लिए टेक्स ईको पहल और वस्त्र कौशल आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 की शुरुआत। इसके अलावा मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने की प्रस्ताव जारी किया गया है।
वित्त मंत्री ने महातमा गांधी ग्राम स्वराज योजना के शुभारंभ का प्रस्ताव रखा। खेलकूद के सामानों के लिए एक समर्पित पहल का प्रस्ताव। अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग तैयार किए जाएंगे। अंतर्देशिय जलमार्गों की ज़रूरत को पूरा करने के लिए बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा की स्थापना की जाएगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समुद्री विमान वीजीएफ़ योजना की शुरुआत की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 5 वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया है।
कॉर्पोरेट बॉन्ड पर पूर्ण रिटर्न स्पैप शुरू करने का प्रस्ताव। विकसित भारत के लिए बैंकिंंग पर उच्च स्तरीय समिती गठित करने का प्रस्ताव और बड़े शहरों में अधिक मूल्य म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने की बात बजट में की गई है। साथ ही विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन पर ज़ोेर दिया जाएगा।

वित्तमंत्री ने ‘शिक्षा से रोज़गार एवं उद्यम’ स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव जारी किया। इस समिति की मदद से विकास, रोज़गार और निर्यात में संभावनाएं बढ़ेंगी। अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री ने युवाओं, दिव्यांग्जनों, किसानों और महिलाओं की चर्चा की और सभी को आज के दौर को देखते हुए नई तक़नीक से जोड़ने की बात कही।
भारत को चिकित्सा पर्यटन सेवा केंद्र में बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की साझेदारी में 5 चिकित्सा केंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव। उन्होंने कहा, कि भारत के आयुर्वेद को आज पूरे विश्व में पहचान मिली है। गुणवत्तापूर्ण आय़र्वेद की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकार नए क़दम उठा रही है।
रक्षा मंत्रालय को मजबूती देने के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव, आयुष फ़ार्मेसी और औषिधि परीक्षण को अपग्रेड करने के साथ-साथ जामनगर में स्थित WHO केंद्र को और बेहतर किया जाएगा। भारत का एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) उद्योग लगातार आगे बढ़ रहा है। इसे देखते हुए मुंबई को 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में सहायता देने का प्रस्ताव।
भारत में डिज़ाइन उद्योग तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव जारी किया गया है। 5 विश्वविद्यालय टॉउनशिप का निर्माण करने में राज्यों को सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, कि आज महिलाओं के सामने उच्च शिक्षा संस्थानों और प्रयोगशाला में कार्य करने हेतू अधिक समय लगता है। इसे देखते हुए हर ज़िले में 1 छात्रावास की स्थापना की बात वित्तमंत्री ने बजट के दौरान की। खगोल विज्ञान और खगोल-भौतिकी के लिए नेशनल लार्ज सोलर टेलिस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड टेलिस्कोप, हिमालयन चंद्र टेलिस्कोप और द-कोसमोस-2 प्लेनेटोरियम की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा बजट में किसानों की सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए भारत विस्तार एग्री टूल का विस्तार किया गया। आयुर्वेद में तीन नए एम्स की नींव रखी जाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। महिला उद्यमियों के लिए शी-मार्ट का ऐलान किया गया है। आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस के भविष्य को लेकर भी इस बजट में चर्चा हुई है। टीसीएस दर अब 5 और 20 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत हो गई है। साथ ही 17 एंटी-कैंसर और 7 अन्य बिमारियों टैक्स दिया है, जिससे यह दवाएं अब सस्ती हो जाएंगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो पहले 4.4 प्रतिशत था। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है, कि नया इंंकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। साथ ही आईटीआर की समय सीमा भी 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।



