खान सर फ़ायरिंग मामला: ये जंग नहीं आसान, शि‍क्षा पर हावी टॉपर्स वाला भौकाल

पिछले कई दिनों से यह प्रश्‍न भी उठ रहे थे, कि क्‍या खान सर की गिरफ़्तारी होगी।
  • फ़ायरिंग मामले में मिली कोर्ट से अंतरिम जमानत
  • खान सर के कोचिंग सेंटर KGS पर हुआ था हमला

खान सर को मिली अंतरिम जमानत

पिछले कई दिनों से एक विवाद मीडिया से लेकर सोशन मीडिया तक छाया हुआ है। इस घटना ने पूरे देश को अपनी ओर आकर्षि‍त किया है और वो है खान सर विवाद। पिछले कई दिनों से यह प्रश्‍न भी उठ रहे थे, कि क्‍या खान सर की गिरफ़्तारी होगी और कुछ तो पहले से ही कहने लगे थे, कि खान सर को अब गिरफ़्तार होने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन इस तमाम बातों के बीच आज पटना कोर्ट ने खान सर की गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी है।

केस डायरी से होगी सुनवाई

पटना बिहार से लेकर देशभर में शि‍क्षा के माध्‍यम से नाम कमाने वाले खान सर को रौशन सर विवाद मामले में न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है और कहा है, कि फिलहाल खान सर को गिरफ़्तारी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अदालत में सुनवाई के बाद उनके वकील अरविंद कुमार महुआर ने कहा, कि ‘मामले की केस डायरी अदालत में प्रस्तुत किए जाने के बाद जमानत याचिका पर विस्तार से सुनवाई होगी। साथ ही केस डायरी में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे का फ़ैसला लेगी’। इसके अलावा इनके बॉडीगार्डों से जुड़े मामले में अदालत बुधवार को सुनवाई करेगी।

KGS में हुई फ़ायरिंग का मामला

हाल ही में कोचिंग सेंटर पर जो घटना घटी वो बिल्‍कुल नहीं होना चाहिए था। यह मामला खान सर के कोचिंग इंस्‍टीट्यूट खान ग्‍लोबल स्‍टडीज़ से जुड़ा है, जहां उनके कोचिंग सेंटर पर हमले तोड़फ़ोड़ और फ़ायरिंग जैसी घटना सामने आई और इसके पीछे ‘ज्ञान बिंदु’ कोचिंग इंस्‍टीट्यूट के रौशन सर का हाथ होने का दावा किया गया। मामला तब और गंभरी हो गया, जब CCTV फ़ुटेज में खान सर के गार्ड्स साफ़ तौर पर फ़ायरिंग करते हुए देखे गए। इसके बाद खान सर पर भी FIR दर्ज हुआ। इससे पहले खान सर ने भी आरोप लगाते हुए कहा था, कि दूसरे पक्ष से  फ़ायरिंग हुई थी, जिसका कोई भी सबूत कैमरे में नहीं मिला था और उसके बाद खान सर इस बयान को वापस ले लिया था। उसके बाद से खान सर पर भी गिरफ़्तारी की तलवार लटकने लगी थी।

इस मामले को लेकर देश में दो राय

देश का एक पक्ष खान सर के साथ खड़ा है, वहीं दूसरा पक्ष खान सर के फ़ायरिंग वाले मामले से नाराज़ है, लेकिन खान सर इस घटना के बाद से लगातार कह रहे है, कि उन्‍होंने सेल्‍फ़ डिफ़ेंस में गार्डस को हवा में फ़ायरिंग करने को कहा था और यहीं दलील कोर्ट में भी रखी गई। हालांकि रौशन सर उस घटना के बाद से जेल में है और उनकी जमानत याचिका ख़ारिज कर दी गई। अभी उन्‍हें जेल में ही रहना होगा, जिसके बाद एक पक्ष का कहना है, कि अंतरिम जमानत तो रौशन सर को भी मिलनी चाहिए थी।

यहीं से शुरू होती है दुश्‍मनी

ये बात बहुत पहले से चली आ रही है, कि खान सर और रौशन सर की दुश्‍मनी काफ़ी दिनों से चल रही है। ये दुश्‍मनी यह भी संदेश देती है, कि आज के दौर में शिक्षा ने व्‍यापार का बहुत बड़ा रूप ले लिया है। आज के दौर में हर छोटे से बड़ा इंस्‍टीट्यूट ख़ुद को नंबर वन कहने में लगा हुआ है और ऐसा लगता है, कि मानों सारे टॉपर्स इनके की कोचिंग सेंटर से आए हैं। कुछ टॉपर्स तो पैसों के माध्‍यम से ख़रीद लिए जाते हैं, ताक़‍ि यह बताया जा सके, कि हमारा कोचिंग सेंटर सबसे बेस्‍ट है। इसी झूठे दावे के चलते यह ज़्यादा से ज़्यादा छात्रों को लुभाकर एडमिशन कराना चाहते हैं और पैसा कमाना चाहते हैं। यहीं से शुरू होती है कोचिंग सेंटर्स के बीच की दुश्‍मनी। खान सर और रौशन सर के साथ भी यही मामला नज़र आ रहा है।

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